Kukur Tihar Nepal Dog Festival : दुनिया में कई तरह के त्योहार मनाए जाते हैं, लेकिन नेपाल का कुकुर तिहार अपनी खास परंपरा के कारण लोगों का ध्यान खींचता है। यह त्योहार तिहार का एक खास हिस्सा है, जिसमें कुत्तों को सम्मान दिया जाता है। इस दिन घरों में रहने वाले पालतू कुत्तों के साथ-साथ सड़कों पर रहने वाले कुत्तों को भी प्यार और सम्मान दिया जाता है।
फूलों की माला से सजाए जाते हैं कुत्ते
कुकुर तिहार के दिन कुत्तों को नहलाया जाता है और उन्हें फूलों की माला पहनाई जाती है। उनके माथे पर लाल टीका लगाया जाता है और फूलों से सजाया जाता है। तस्वीरों में भी कुत्तों को इसी तरह सजाकर सम्मान देते हुए देखा जा सकता है। यह नजारा देखने में बेहद प्यारा लगता है और इंसानों व जानवरों के बीच प्यार को दिखाता है।
खास खाना खिलाकर जताते हैं प्यार
इस दिन कुत्तों के लिए खास खाना भी तैयार किया जाता है। उन्हें उनकी पसंद की चीजें और स्वादिष्ट भोजन खिलाकर खुश किया जाता है। लोग इसे सिर्फ एक रस्म की तरह नहीं, बल्कि कुत्तों के प्रति अपनी कृतज्ञता जताने के तरीके के रूप में देखते हैं। कुत्तों की वफादारी और इंसानों के साथ उनके रिश्ते को इस दिन खास महत्व दिया जाता है।
कुत्तों को क्यों दिया जाता है इतना सम्मान
नेपाल की इस परंपरा के पीछे कुत्तों को वफादारी, सुरक्षा और साथ का प्रतीक मानने की सोच जुड़ी है। कुत्ते लंबे समय से इंसानों के साथी रहे हैं और घर की रखवाली में भी उनकी बड़ी भूमिका रही है। इसलिए कुकुर तिहार के जरिए उनके प्रति प्यार और सम्मान दिखाया जाता है। इस दिन जानवरों के साथ अच्छा व्यवहार करने का संदेश भी मिलता है।
इसे भी पढ़ें : पहली नजर में खूबसूरत, ध्यान से देखा तो दिखा दर्द, कोलकाता का ये पंडाल है खास
इंसानों और जानवरों के रिश्ते की खूबसूरत मिसाल
कुकुर तिहार की सबसे खास बात यही है कि इसमें जानवरों को सिर्फ पालतू समझकर नहीं, बल्कि प्यार और सम्मान के हकदार साथी के रूप में देखा जाता है। कुत्तों को फूलों की माला पहनाना, टीका लगाना और खाना खिलाना इस रिश्ते की खूबसूरत तस्वीर दिखाता है। सोशल मीडिया पर सामने आई ऐसी तस्वीरें भी लोगों को इस अनोखी परंपरा के बारे में जानने के लिए उत्सुक कर रही हैं।