कुलदीप यादव का नाम आते ही फैंस के मन में एक ही सवाल उठ रहा है कि आखिर इस गेंदबाज को और कितने इंतजार की सजा मिलेगी? इंग्लैंड दौरे पर वनडे टीम का हिस्सा होने के बावजूद कुलदीप को एक भी मैच खेलने का मौका नहीं मिला। अब श्रीलंका जैसी स्पिन मददगार परिस्थितियों में भी उनकी जगह को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। ऐसे में क्रिकेट प्रेमियों के बीच चर्चा तेज है कि क्या एक बार फिर ‘यादव शेर’ को बेंच पर बैठना पड़ेगा?
18 टेस्ट, 79 विकेट... फिर भी भरोसा नहीं?
मार्च 2017 में टेस्ट डेब्यू करने वाले कुलदीप यादव ने अब तक सिर्फ 18 टेस्ट खेले हैं, लेकिन इन मुकाबलों में 79 विकेट अपने नाम किए हैं। उनका औसत भी शानदार रहा है। इतने प्रभावी आंकड़ों के बावजूद कुलदीप को लगातार मौके नहीं मिल पाए। यही वजह है कि हर बार टीम चयन के दौरान उनके नाम को लेकर बहस छिड़ जाती है। सवाल यह भी उठ रहा है कि आखिर प्रदर्शन के बाद भी उन्हें स्थायी जगह क्यों नहीं मिल पा रही?
गॉल टेस्ट से पहले फिर शुरू हुआ बवाल
श्रीलंका क्रिकेट इलेवन के खिलाफ अभ्यास मैच में कुलदीप ने पहली पारी में 18 ओवर फेंकते हुए 2 विकेट लिए, लेकिन दूसरी पारी में गेंदबाजी नहीं की। इसके बाद फिटनेस को लेकर अटकलें शुरू हो गईं। हालांकि स्पिन गेंदबाजी कोच साईराज बहुतुले ने साफ कर दिया कि कुलदीप पूरी तरह फिट हैं और उन्होंने सिर्फ शरीर को आराम देने के लिए ब्रेक लिया था। इसके बावजूद उनकी प्लेइंग इलेवन में जगह को लेकर संशय खत्म नहीं हुआ है।
गिल-गंभीर की रणनीति क्या कहती है?
टीम इंडिया के कप्तान शुभमन गिल और हेड कोच गौतम गंभीर गॉल टेस्ट में किस कॉम्बिनेशन के साथ उतरते हैं, इस पर सबकी नजर है। रविंद्र जडेजा की जगह लगभग तय मानी जा रही है, जबकि मानव सुथार और सारांश जैन को भी अभ्यास मैच में भरपूर मौके दिए गए। ऐसे में कुलदीप की दावेदारी मजबूत होने के बावजूद मुकाबला आसान नहीं दिख रहा। यही कारण है कि टीम मैनेजमेंट की रणनीति पर सवाल उठने लगे हैं।
स्पिन की धरती पर भी इंतजार?
गॉल की पिच पारंपरिक रूप से स्पिनरों की मददगार मानी जाती है। जैसे-जैसे मैच आगे बढ़ता है, स्पिन गेंदबाजों की भूमिका और बढ़ जाती है। ऐसे हालात में कुलदीप जैसा कलाई का स्पिनर भारतीय टीम के लिए बड़ा हथियार साबित हो सकता है। उनकी गेंदों में टर्न, फ्लाइट और विकेट निकालने की क्षमता उन्हें बाकी स्पिनरों से अलग बनाती है। फिर भी अगर उन्हें मौका नहीं मिलता तो बहस और तेज हो सकती है।
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कब खत्म होगा इंतजार?
कुलदीप यादव का मामला सिर्फ एक खिलाड़ी का नहीं, बल्कि प्रदर्शन बनाम टीम कॉम्बिनेशन की बहस का भी है। 79 टेस्ट विकेट, 194 वनडे विकेट और 95 टी20 विकेट लेने वाला गेंदबाज अगर लगातार चयन की अनिश्चितता झेल रहा है तो सवाल उठना स्वाभाविक है। अब गॉल टेस्ट की प्लेइंग इलेवन पर सबकी नजर है। अगर इस बार भी ‘यादव शेर’ को मौका नहीं मिला तो चयन और रणनीति दोनों पर नए सवाल खड़े होना तय है।