जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले में शुक्रवार शाम हुए आतंकी हमले ने एक बार फिर घाटी में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। पाकिस्तान समर्थित आतंकियों ने छत्तीसगढ़ के दो प्रवासी मजदूरों को निशाना बनाया। इस हमले में एक मजदूर की मौके पर मौत हो गई, जबकि दूसरे घायल मजदूर ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं और पूरे इलाके में जांच तेज कर दी गई है।
गैर-स्थानीय मजदूरों को बनाया गया निशाना
कुलगाम के केलम इलाके में काम कर रहे प्रवासी मजदूरों पर हमला ऐसे समय हुआ है जब जम्मू-कश्मीर में हालात सामान्य होने का दावा किया जा रहा है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि आतंकियों ने हमला करने से पहले मजदूरों के नाम पूछे थे। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार इस घटना के पीछे लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) का हाथ होने की बात सामने आई है।
TRF पर पहले भी लगे हैं कई आतंकी घटनाओं के आरोप
TRF को लश्कर-ए-तैयबा का प्रॉक्सी संगठन माना जाता है। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार यह संगठन घाटी में कई टारगेट किलिंग और आतंकी घटनाओं में शामिल रहा है। 2020 में कुपवाड़ा और बारामुला में टारगेट किलिंग की घटनाएं सामने आईं।
2021 में कश्मीरी पंडितों और सिख समुदाय के लोगों को निशाना बनाया गया।
TRF के नाम पर कई राजनीतिक कार्यकर्ताओं और नेताओं पर हमले हुए।
2022 और 2023 में श्रीनगर और पुलवामा में आतंकी गतिविधियां सामने आईं।
PoK में बढ़ते विरोध से पाकिस्तान पर दबाव
विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तान इस तरह की आतंकी गतिविधियों के जरिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ध्यान भटकाने की कोशिश कर सकता है। फिलहाल पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के कई इलाकों में विरोध प्रदर्शन जारी हैं। मुजफ्फराबाद, मीरपुर समेत कई क्षेत्रों में लोग महंगाई, बिजली संकट और बुनियादी सुविधाओं की कमी को लेकर सड़कों पर उतर रहे हैं।
वहां प्रदर्शनकारियों की ओर से सरकार के खिलाफ नाराजगी जताई जा रही है। आरक्षित सीटों, आर्थिक समस्याओं और प्रशासनिक नीतियों को लेकर भी विरोध की स्थिति बनी हुई है।
अमरनाथ यात्रा में रिकॉर्ड श्रद्धालु, आतंकी कोशिशों पर सवाल
इस साल जम्मू-कश्मीर में अमरनाथ यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे हैं। यात्रा के सफल संचालन को घाटी में सामान्य होते माहौल से जोड़कर देखा जा रहा है। जानकारों का कहना है कि ऐसे समय में प्रवासी मजदूरों को निशाना बनाकर आतंकी संगठन एक बार फिर डर का माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट, आतंकियों की तलाश जारी
कुलगाम हमले के बाद सुरक्षा बलों ने इलाके में निगरानी बढ़ा दी है। आतंकियों की पहचान और उन्हें पकड़ने के लिए जांच अभियान चलाया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि घाटी में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा तंत्र पूरी तरह सक्रिय है।