kumbh 2027: हरिद्वार में होने वाले कुंभ 2027 की तैयारियां जोरों पर हैं। इस ऐतिहासिक आयोजन के लिए शुक्रवार को गंगा तट पर हुई विशेष बैठक में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अखाड़ों के सभी 13 आचार्यों एवं संतों की मौजूदगी में अमृत व महत्वपूर्ण स्नान की तिथियों की घोषणा की। कुंभ का पहला स्नान 14 जनवरी,2027 को मकर संक्रांति को होगा।इनमें महाशिवरात्रि, फाल्गुन अमावस्या और मेष संक्रांति के दिन होने वाले अमृत स्नान को सबसे महत्वपूर्ण और आकर्षण का केंद्र माना जा रहा है।
कई गुना बढ़ेगी भीड़
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बार श्रद्धालुओं की संख्या 2010 और 2021 की तुलना में कई गुना अधिक रहने की संभावना है, इसलिए अमृत स्नानों के दौरान भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा प्रबंधन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान को ध्यान में रखते हुए कुंभ 2027 को विश्व स्तरीय धार्मिक आयोजन के रूप में प्रस्तुत किया जाएगा। हरिद्वार कुंभ दिव्य, भव्य और विस्तृत स्वरूप में दुनिया के सामने आएगा।
श्रद्धालुओं को सुविधा
अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि अक्टूबर 2026 तक सभी स्थायी कार्य पूरे कर लें। भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा, स्वच्छता और यातायात की उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी, ताकि श्रद्धालुओं को सुविधा हो। संत समाज कुंभ को भव्य, दिव्य और विश्व स्तरीय बनाने के लिए सरकार के साथ मिलकर काम करने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने मेले को एक नई ऊंचाई तक ले जाने के लिए एक दूरदर्शी दृष्टिकोण प्रस्तुत किया है, जो देवभूमि उत्तराखंड को एक प्रमुख आध्यात्मिक केंद्र के रूप में स्थापित करेगा।
कुंभ 2027 के प्रमुख स्नान तिथियां
14 जनवरी – मकर संक्रांति
06 फरवरी – मौनी अमावस्या
11 फरवरी – वसंत पंचमी
20 फरवरी – माघ पूर्णिमा
06 मार्च – महाशिवरात्रि (अमृत स्नान)
08 मार्च – फाल्गुन अमावस्या (अमृत स्नान)
07 अप्रैल – नव संवत्सर
14 अप्रैल – मेष संक्रांति (अमृत स्नान)
15 अप्रैल – श्रीराम नवमी
20 अप्रैल – चैत्र पूर्णिमा