मध्य प्रदेश के श्योपुर स्थित कूनो नेशनल पार्क से मंगलवार को बेहद दुखद खबर सामने आई, जहां मादा चीता KGP12 के चार शावक मृत पाए गए। करीब एक महीने पहले जन्मे इन शावकों के शव मांद के पास मिलने से वन विभाग और चीता परियोजना से जुड़े अधिकारियों में हड़कंप मच गया है। शुरुआती जांच में किसी जंगली जानवर के हमले की आशंका जताई जा रही है, जबकि मादा चीता पूरी तरह सुरक्षित बताई गई है।
मॉनिटरिंग टीम को सुबह मिले शव
चीता परियोजना की मॉनिटरिंग टीम को मंगलवार सुबह करीब 6:30 बजे श्योपुर टेरिटोरियल डिवीजन के जंगल में चारों शावकों के शव मिले। अधिकारियों के मुताबिक शव आंशिक रूप से खाए हुए पाए गए, जिससे यह माना जा रहा है कि किसी शिकारी वन्यजीव ने हमला किया हो सकता है।
एक दिन पहले तक जीवित थे शावक
वन विभाग के अनुसार चारों शावकों को 11 मई की शाम तक सुरक्षित और जीवित देखा गया था। अगले ही दिन उनकी मौत की खबर सामने आने से परियोजना से जुड़े अधिकारी भी हैरान हैं। फिलहाल पूरे इलाके की निगरानी बढ़ा दी गई है।
मादा चीता KGP12 सुरक्षित
घटना के बाद मादा चीता KGP12 को ट्रैक किया गया, जो पूरी तरह सुरक्षित और स्वस्थ मिली। वन विभाग लगातार उसकी गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है ताकि किसी भी संभावित खतरे से बचाया जा सके।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलेगा राज
वन अधिकारियों का कहना है कि शावकों की मौत के सही कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक जांच के बाद ही हो सकेगा। फिलहाल घटनास्थल से सैंपल जुटाए गए हैं और विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है।
देश में अब 53 चीते मौजूद
कूनो नेशनल Park में वर्तमान में 50 चीते मौजूद हैं, जिनमें 33 भारत में जन्मे हैं। वहीं गांधी सागर अभयारण्य में 3 चीते हैं। इस तरह देश में कुल चीतों की संख्या 53 बनी हुई है। शावकों की मौत को चीता पुनर्वास परियोजना के लिए बड़ा नुकसान माना जा रहा है।