मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले में स्थित कुनो नेशनल पार्क से चिंताजनक समाचार सामने आया है। प्रोजेक्ट चीता के तहत लाई गई मादा चीता आशा के तीन शावक अपनी मां से बिछड़ गए हैं। ये छोटे शावक जंगल की सीमा पार करके आसपास के ग्रामीण इलाकों में घूम रहे हैं। वन विभाग की टीमें रेडियो कॉलर और ड्रोन की मदद से इनकी तलाश में जुटी हैं। यह स्थिति वन्यजीव सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बनती जा रही है।
शावकों का भटकना: स्थिति और इलाके
सूत्रों की जानकारी के अनुसार, कुनो नेशनल पार्क में रह रहे मादा चीता आशा के तीन शावक पार्क की सीमा पार करके अलग-अलग दिशाओं में चले गए हैं। एक शावक रामपुर सबलगढ़ के जंगलों में देखा गया है, दूसरा कलमी क्षेत्र के जंगल में सक्रिय है, जबकि तीसरा शावक श्यामपुर क्षेत्र में विचरण कर रहा है। ये इलाके श्योपुर और शिवपुरी जिलों के बीच स्थित हैं, जहां ग्रामीण आबादी भी अधिक है। ऐसे में शावकों का जंगल से बाहर निकलना सुरक्षा के लिहाज से गंभीर चिंता का विषय बन गया है।
वन विभाग की कार्रवाई और तकनीकी सहायता
प्रोजेक्ट चीता के तहत वन विभाग की टीम ने तुरंत कार्यवाही शुरू कर दी है। रेडियो कॉलर की मदद से शावकों की लोकेशन का पता लगाया जा रहा है, वहीं ड्रोन से लगातार हवाई सर्वेक्षण भी किया जा रहा है। टीम की कोशिश है कि इन शावकों को जल्द से जल्द सुरक्षित ढंग से वापस पार्क के भीतर लाया जाए। साथ ही, यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि शावक ग्रामीण आबादी वाले इलाकों में प्रवेश न करें, जिससे लोगों और जानवरों दोनों की सुरक्षा बनी रहे।
सावधानी और एडवाइजरी जारी
वन विभाग ने श्योपुर व शिवपुरी जिलों के ग्रामीणों को चेतावनी जारी की है। उन्होंने सलाह दी है कि यदि किसी को शावकों का मलबूआन मिले तो वे वन विभाग को तुरंत सूचित करें। इसके अलावा, पेट्रोलिंग बढ़ा दी गई है ताकि संभावित खतरे की पहचान करके उचित कार्रवाई की जा सके। वन विभाग की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया है कि ग्रामीण क्षेत्रों में चीते के शावकों से दूरी बनाए रखना बेहद जरूरी है, क्योंकि वे भटकाव की स्थिति में अप्रत्याशित व्यवहार कर सकते हैं।
प्रोजेक्ट चीता की चुनौतियां
प्रोजेक्ट चीता मध्य प्रदेश में बचे हुए वनों में चीते की संख्या बढ़ाने और उनकी सुरक्षा को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है। लेकिन शावकों का बिछड़ना इस योजना की बड़ी चुनौती बन गया है। इसके अलावा, शावकों के जंगल से बाहर निकलने पर उनकी सुरक्षा भी मुश्किल हो जाती है। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।