उज्जैन के रहने वाले मंजूर अहमद की कुवैत एयरपोर्ट पर हुए ड्रोन हमले में मौत हो गई। परिवार के मुताबिक वह भारत लौटने के लिए एयरपोर्ट पहुंचे थे और कुछ घंटों बाद उनकी फ्लाइट थी। घटना की सूचना मिलते ही परिवार में शोक की लहर फैल गई। परिजन अब शव को जल्द भारत लाने के लिए प्रशासन और सरकार से मदद की मांग कर रहे हैं।
भारत आने से पहले हुआ हादसा
परिजनों के अनुसार 50 वर्षीय मंजूर अहमद लंबे समय से कुवैत में टेलरिंग का काम कर रहे थे। वह समय-समय पर भारत आते-जाते रहते थे। बुधवार सुबह भारत लौटने के लिए वे कुवैत एयरपोर्ट पहुंचे थे, लेकिन इसी दौरान हुए ड्रोन हमले की चपेट में आ गए, जिससे उनकी मौत हो गई।
तीन दशक से कुवैत में कर रहे थे काम
मंजूर अहमद करीब 30 वर्षों से कुवैत में रहकर रोजगार कर रहे थे। उनकी पत्नी और बच्चे उज्जैन के चिमनगंज क्षेत्र में रहते हैं। बताया गया है कि मंगलवार रात उन्होंने परिवार से फोन पर बात भी की थी और जल्द घर पहुंचने की जानकारी दी थी।
परिवार ने सरकार से मांगी मदद
घटना की जानकारी मिलने के बाद परिजनों ने मध्य प्रदेश सरकार से शव को भारत लाने में सहयोग की मांग की है। परिवार का कहना है कि कुवैत में मौजूद रिश्तेदार और परिचित आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने में जुटे हुए हैं। स्थानीय प्रशासन से भी संपर्क किया जा रहा है।
शव लाने की प्रक्रिया जारी
परिवार को उम्मीद है कि सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद मंजूर अहमद का शव भारत लाया जा सकेगा। परिजन लगातार संबंधित अधिकारियों और विदेश में मौजूद परिचितों के संपर्क में हैं ताकि प्रक्रिया जल्द पूरी हो सके।
उज्जैन में शोक का माहौल
मंजूर अहमद के निधन की खबर से परिवार, रिश्तेदारों और समाज के लोगों में गहरा दुख है। बताया गया है कि उनकी दो बेटियों की शादी हो चुकी है, जबकि बेटा अभी छोटा है। परिवार के सामने अब भावनात्मक और सामाजिक दोनों तरह की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है।