खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच कुवैत से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। टैंकर ट्रैकिंग रिपोर्ट्स के मुताबिक अप्रैल 2026 में कुवैत ने एक भी बैरल कच्चे तेल का निर्यात नहीं किया। अगर इसकी आधिकारिक पुष्टि होती है तो यह पिछले 30 साल में पहली बार होगा जब देश का मासिक निर्यात पूरी तरह शून्य रहा है। इससे पहले ऐसा हालात 1991 के खाड़ी युद्ध के बाद देखने को मिला था।
उत्पादन जारी, लेकिन निर्यात ठप
रिपोर्ट के अनुसार कुवैत में तेल उत्पादन पूरी तरह जारी है, लेकिन निर्यात रुक गया है। बताया जा रहा है कि उत्पादित तेल का एक हिस्सा स्टोरेज में रखा जा रहा है, जबकि बाकी को रिफाइन कर अलग उत्पादों के रूप में भेजा जा रहा है। इससे साफ है कि संकट सप्लाई चैन में है, उत्पादन में नहीं। इस स्थिति ने वैश्विक बाजार में अनिश्चितता बढ़ा दी है।
शिपिंग रूट और होर्मुज बना कारण
विशेषज्ञों के मुताबिक इस संकट की सबसे बड़ी वजह क्षेत्रीय शिपिंग मार्गों में आई बाधाएं हैं। खासकर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में बढ़ता तनाव प्रमुख कारण माना जा रहा है। यह दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में से एक है, जहां से बड़ी मात्रा में कच्चा तेल गुजरता है। यहां किसी भी तरह की रुकावट का सीधा असर वैश्विक सप्लाई पर पड़ता है।
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कतर ने ईरान से संयम की अपील की
इसी बीच कतर ने ईरान से अंतरराष्ट्रीय नियमों का पालन करने की अपील की है। कतर ने कहा है कि क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखने के लिए सभी देशों को संयम बरतना जरूरी है। कतर के विदेश मंत्रालय के अनुसार उनके प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री की ईरान के विदेश मंत्री से बातचीत हुई, जिसमें नौवहन की स्वतंत्रता बनाए रखने पर जोर दिया गया।
अमेरिका की बढ़ी सैन्य गतिविधियां
इस पूरे घटनाक्रम के बीच अमेरिका की गतिविधियां भी तेज हो गई हैं। अमेरिका सेंट्रल कमांड ने बताया कि पिछले 20 दिनों में फारसी खाड़ी क्षेत्र में 48 जहाजों का रूट बदला गया है। अमेरिकी नौसेना का जहाज यूएसएस न्यू ऑरलियन्स अरब सागर में तैनात है और स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
तनाव कम करने की कोशिशें जारी
दूसरी ओर ईरान की तरफ से भी संकेत दिए गए हैं कि वह कूटनीतिक समाधान चाहता है। ईरान के उप विदेश मंत्री ने कहा कि पाकिस्तान के जरिए भेजा गया प्रस्ताव दोनों देशों के बीच तनाव कम करने की दिशा में एक प्रयास है। हालांकि हालात अभी भी संवेदनशील बने हुए हैं और क्षेत्रीय गतिविधियों पर पूरी दुनिया की नजर टिकी हुई है।