UP News: प्रदेश के भीतर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के अधीन संचालित राजकीय जनरल नर्सिंग एंड मिडवाइफरी (जीएनएम) और राजकीय ऑक्सिलियरी नर्सिंग मिडवाइफरी (एएनएम) सेंटरों में शिक्षकों (ट्यूटर) की 50 फीसदी से अधिक कमी है। ऐसे में प्रशिक्षण की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है। यही कारण है कि ग्रामीण क्षेत्र से कई मामले ऐसे सीएमओ ऑफिस आए हैं, जहां पर इस बात का खुलासा हुआ कि मरीजों की देखरेख में बड़ी लापरवाही बरती गई।
9 राजकीय जीएनएम सेंटर चल रहे
लखनऊ में वर्ष 2022 से 9 राजकीय जीएनएम सेंटर चल रहे हैं। इन सेंटरों में 452 विद्यार्थियों को तीन वर्षीय प्रशिक्षण दिया जाता है। इसी तरह 36 राजकीय एएनएम केंद्रों में 1800 सीटें हैं। इस वर्ष 1576 छात्राओं को प्रवेश दिया गया है। अन्य सीटें खाली हैं। इन सेंटरों में शिक्षकों की कमी है। यह कमी 50 फीसदी से ज्यादा है। इसे देखते हुए सरकार ने राजकीय जीएनएम और एएनएम सेंटरों में शिक्षकों की संख्या बढ़ाने पर फोकस किया है।
जल्द ही पदों को भरने के की कवायद शुरू जाएगी
महानिदेशक का दावा है कि जल्द ही इन पदों को भरने के की कवायद शुरू जाएगी। जब तक भर्ती प्रक्रिया नहीं होती है, तब तक विभाग में कार्यरत संबंधित विधा के उच्च प्रशिक्षित स्टाफ को भी मौका दिया जाएगा ताकि प्रशिक्षण की गुणवत्ता बढ़ाई जा सके।
आईएनसी से नहीं है मान्यता
इंडियन नर्सिंग काउंसिल (आईएनसी) से अब तक एएनएम व जीएनएम केंद्रों की मान्यता नहीं मिली है। ऐसे में यहां प्रशिक्षण लेने वाले स्टूडेंट्स को दूसरे राज्य में नौकरी करने में समस्या आती है। वहीं, कई छात्रों ने बताया कि उन्हें क्लीनिकल प्रशिक्षण सिर्फ सीएचसी में दिलाया जा रहा है। जिला चिकित्साल और जिला महिला चिकित्सालय में भी प्रशिक्षण दिलाया जाना चाहिए।
एएनएम-जीएनएम केंद्रों में खाली पद
स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक, लखनऊ स्थित राजकीय एएनएम सेंटर कुल 10 पदों में से 3 रिक्त हैं। ऐसे ही रायबरेली में 7, प्रतापगढ़ में 6, मिर्जापुर और महोबा में 5-5 और जौनपुर में 6 शिक्षकों के पद रिक्त हैं। ऐसे ही राजकीय जीएनएम केंद्रों में केजीएमयू में कुल 24 पदों की तुलना में शिक्षकों के 18 पद रिक्त हैं। ऐसे ही आगरा में 8 और कानपुर में 6 पद रिक्त हैं। तकरीबन यही स्थिति अन्य केंद्रों की भी है।
जल्द इन केंद्रों में प्रशिक्षित शिक्षक की नियुक्ति की जाए
प्रशिक्षण महानिदेशक डॉ. एचडी अग्रवाल ने कहा कि राजकीय एएनएम-जीएनएम सेंटरों के प्रशिक्षण की गुणवत्ता बढ़ाने की दिशा में लगातार प्रयास किया जा रहा है। संसाधनों और शिक्षकों की व्यवस्था की दिशा में भी प्रयास चल रहा है। इसे लेकर पूरी कोशिश की जा रही है कि जल्द से जल्द इन केंद्रों में प्रशिक्षित शिक्षक की नियुक्ति की जाए ताकि नर्सिंग स्टूडेंट को अच्छे से प्रशिक्षित किया जा सके।