सोमवार को लद्दाख के लेह क्षेत्र में सुबह एक तेज भूकंप दर्ज किया गया। भूकंप की तीव्रता 5.7 मापी गई, जिससे इलाके में कुछ देर के लिए हलचल मच गई। भूकंप का समय सुबह 11:51 बताया गया। इसका केंद्र जमीन के भीतर लगभग 171 किलोमीटर की गहराई में था। राहत की बात यह रही कि झटके महसूस होने के बावजूद लोग सुरक्षित रहे और किसी तरह की बड़ी अफरा-तफरी नहीं हुई।
कहां था भूकंप का केंद्र
भूकंप विज्ञान से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, इस भूकंप का केंद्र लेह लद्दाख क्षेत्र में ही स्थित था। गहराई अधिक होने के कारण सतह पर इसका असर सीमित रहा। इसी वजह से आसपास के इलाकों में नुकसान की खबरें सामने नहीं आईं। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर स्थिति पर नजर बनाए रखी है और स्थानीय स्तर पर निगरानी जारी है।
जान-माल के नुकसान की कोई सूचना नहीं
भूकंप के बाद अब तक किसी भी तरह के जान-माल के नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है। प्रशासन और आपदा प्रबंधन से जुड़े विभाग अलर्ट पर हैं। लद्दाख जैसे संवेदनशील इलाकों में भूकंप को लेकर पहले से ही सतर्कता बरती जाती है, जिससे हालात नियंत्रण में बने रहे।
दिल्ली में भी महसूस हुआ हल्का झटका
इसी दिन सुबह राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में भी भूकंप का हल्का झटका महसूस किया गया। इसकी तीव्रता 2.8 दर्ज की गई। भूकंप का केंद्र उत्तर दिल्ली में जमीन की सतह के काफी पास बताया गया, जिसकी गहराई लगभग 5 किलोमीटर थी। झटका हल्का होने के कारण लोग घबराए नहीं और रोजमर्रा की गतिविधियां सामान्य रहीं।
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दिल्ली भूकंप के लिहाज से संवेदनशील
विशेषज्ञों के अनुसार, दिल्ली भूकंप की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्र में आती है और उच्च जोखिम वाले जोन में शामिल है। हालांकि 2.8 तीव्रता का भूकंप आमतौर पर नुकसान नहीं पहुंचाता। इसके बावजूद विशेषज्ञ समय-समय पर सतर्क रहने और सुरक्षित निर्माण पर जोर देते हैं, ताकि भविष्य में किसी बड़े झटके से नुकसान कम किया जा सके।
पड़ोसी देश में भी दिखी हलचल
भूकंपीय गतिविधियां सिर्फ भारत तक सीमित नहीं रहीं। रविवार को अफगानिस्तान में भी 4.0 और 4.1 तीव्रता के भूकंप दर्ज किए गए। इससे पहले 15 जनवरी को वहां 4.2 तीव्रता का भूकंप आया था। लगातार आ रही इन घटनाओं से यह साफ है कि इस पूरे क्षेत्र में धरती के भीतर हलचल बनी हुई है। विशेषज्ञ मानते हैं कि ऐसे समय में सतर्कता और जागरूकता बेहद जरूरी है।