लद्दाख के लेह में 24 सितंबर को भड़की अप्रत्याशित हिंसा ने पूरे देश को चौंका दिया। जिस लद्दाख को हमेशा शांति और सौहार्द की धरती कहा जाता रहा है, वहां अचानक हिंसा कैसे भड़क गई, यह बड़ा सवाल है। सरकारी सूत्रों का कहना है कि इसके पीछे ‘फ्रिंज एलिमेंट’ यानी आराजक तत्वों का हाथ है। अब एजेंसियां इस एंगल से जांच कर रही हैं कि कहीं यह हिंसा चीन, पाकिस्तान और बांग्लादेश की खतरनाक तिकड़ी की साजिश का हिस्सा तो नहीं।
हिंसा के पीछे छिपा षड्यंत्र
लद्दाख में लंबे समय से छठी अनुसूची और राज्य के दर्जे की मांग उठ रही है। केंद्र सरकार ने बीते वर्षों में कनेक्टिविटी, इंफ्रास्ट्रक्चर और विकास के बड़े प्रोजेक्ट शुरू किए। बावजूद इसके अचानक हिंसा भड़कना इस ओर इशारा करता है कि बाहरी ताकतों ने स्थानीय समूहों को भड़काकर माहौल बिगाड़ा।
बातचीत तय थी, फिर भी क्यों भड़की आग?
अधिकारियों का कहना है कि सरकार ने पहले ही संवाद की तारीख तय कर रखी थी, ताकि लंबित मुद्दों पर चर्चा हो सके। लेकिन उसी से पहले हिंसा फैलाना इस बात का संकेत है कि कुछ तत्व माहौल बिगाड़कर सरकार और जनता के बीच अविश्वास पैदा करना चाहते थे।
विदेशी हाथ पर शक
सुरक्षा एजेंसियों को शक है कि इस हिंसा के पीछे चीन, पाकिस्तान और बांग्लादेश की तिकड़ी का हाथ हो सकता है। ये तीनों देश पहले भी भारत के सीमावर्ती इलाकों को अस्थिर करने की कोशिश कर चुके हैं। शुरुआती इनपुट इसी दिशा में जांच को मजबूती दे रहे हैं।