महाराष्ट्र की लाडकी बहीण योजना से जुड़ी लाखों महिलाओं को दिसंबर और जनवरी की किस्त का बेसब्री से इंतजार है। अब तक दोनों महीनों की राशि खातों में नहीं पहुंची है, जिससे लाभार्थियों की चिंता बढ़ गई है। गांव से लेकर शहर तक महिलाएं यही पूछ रही हैं कि आखिर पैसा कब आएगा। सोशल मीडिया पर भी इस योजना को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं और सरकार से जल्द राहत की मांग की जा रही है।
मकर संक्रांति से पहले राहत की उम्मीद
इसी बीच मकर संक्रांति से पहले एक अच्छी खबर सामने आई है। सूत्रों के अनुसार 14 जनवरी को महिलाओं के खातों में राशि भेजी जा सकती है। हालांकि सरकार की ओर से अभी आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन माना जा रहा है कि त्योहार के मौके पर महिलाओं को आर्थिक सहारा देने की तैयारी है। अगर ऐसा हुआ तो मकर संक्रांति कई परिवारों के लिए राहत लेकर आएगी।
14 जनवरी को कितनी रकम मिल सकती है
हाल ही में चुनावी प्रचार के दौरान एक नेता ने दावा किया था कि 14 जनवरी को महिलाओं को एक साथ दो किस्तें दी जा सकती हैं। इसमें दिसंबर और जनवरी दोनों महीनों की राशि शामिल होगी। अगर यह दावा सही साबित होता है तो लाभार्थी महिलाओं के खातों में सीधे 3000 रुपये ट्रांसफर किए जाएंगे। इसी वजह से महिलाओं की उम्मीदें और ज्यादा बढ़ गई हैं।
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चुनाव और आचार संहिता की अड़चन
हालांकि तस्वीर इतनी आसान भी नहीं है। महिला एवं बाल विकास विभाग से जुड़े सूत्रों का कहना है कि निकाय चुनाव की वजह से आचार संहिता लागू है। ऐसे में फंड जारी करने में थोड़ी देरी हो सकती है। महाराष्ट्र में 15 जनवरी को निकाय चुनाव होने हैं, इसलिए अंतिम फैसला सरकारी आदेश के बाद ही साफ होगा। इस कारण कुछ महिलाओं को थोड़ा और इंतजार करना पड़ सकता है।
किन महिलाओं का पैसा रुक सकता है
यह जरूरी नहीं है कि योजना से जुड़ी हर महिला को किस्त मिले। जिन महिलाओं ने समय रहते ई केवाईसी पूरी नहीं की है, उनका भुगतान अटक सकता है। सरकार पहले ही साफ कर चुकी थी कि लाडकी बहीण योजना में ई केवाईसी अनिवार्य है। इसकी आखिरी तारीख 31 दिसंबर 2025 तय की गई थी और इसे आगे नहीं बढ़ाया गया।
अब महिलाओं को क्या करना चाहिए
फिलहाल स्थिति यह है कि योजना की वेबसाइट से ई केवाईसी का विकल्प भी हटा दिया गया है। जिन महिलाओं ने प्रक्रिया पूरी नहीं की, उन्हें किस्त मिलने में परेशानी हो सकती है। अगर किसी महिला को अभी तक पिछली किस्त नहीं मिली है, तो सबसे पहले अपने आवेदन और केवाईसी की स्थिति की जांच करनी चाहिए। इससे साफ हो सकेगा कि पैसा क्यों अटका है और आगे क्या कदम उठाने हैं।