भोपाल – मध्य प्रदेश में शिक्षक भर्ती वर्ग-1 (2023) की वेटिंग सूची में शामिल महिला अभ्यर्थियों का धैर्य अब जवाब देने लगा है। नियुक्ति की गुहार लगाते हुए प्रदेश की लाड़ली बहनों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को खून से खत लिखा है। इस अनोखे विरोध ने सरकार का
ध्यान एक बार फिर इस लंबित मुद्दे की ओर खींचा है।
खून से लिखी चिट्ठी: ‘हमें सहायता नहीं, अधिकार चाहिए’
भोपाल, दमोह और इंदौर से जुड़ी महिला उम्मीदवारों ने इंजेक्शन से खून निकालकर सीएम को खत भेजा है, जिसमें उन्होंने लिखा, “हम लाड़ली बहनें हैं, लेकिन हमें सहायता नहीं, हमारा अधिकार चाहिए। हमारी मेहनत वर्षों पुरानी है, उसे व्यर्थ न जाने दें।” पत्र में यह भी उल्लेख है कि रक्षाबंधन पर उन्होंने सीएम को संदेश भेजकर अपनी नियुक्ति की आशा जताई थी, लेकिन अब तक कोई सकारात्मक जवाब नहीं मिला।
8720 में से 2901 पद अब भी खाली, लेकिन नियुक्ति अधूरी
शिक्षक भर्ती वर्ग-1 (2023) के तहत कुल 8720 पदों में से केवल 5053 पदों पर ही भर्ती की गई है। अभी भी 2901 पद खाली हैं, लेकिन इन पर वेटिंग अभ्यर्थियों की नियुक्ति नहीं की गई है। वेटिंग शिक्षक संघ के अध्यक्ष निलेश गौतम ने कहा कि “2011 और 2018 में द्वितीय काउंसलिंग से भर्तियां हुई थीं, लेकिन 2023 में यह प्रक्रिया बंद कर दी गई, जिससे योग्य अभ्यर्थी दर-दर भटक रहे हैं।”
नए पदों को मंजूरी,
पुराने नजरअंदाज!
शिक्षा विभाग ने दिसंबर 2024 में 48,223 और जनजातीय कार्य विभाग ने 10,501 नए पदों की स्वीकृति दी है। इसके बावजूद पुराने चयनित अभ्यर्थियों की अनदेखी से नाराजगी गहराती जा रही है। उम्मीदवारों ने सरकार से मांग की है कि खाली पदों पर तुरंत द्वितीय काउंसलिंग कराकर उन्हें नियुक्त किया जाए।