Lakhisarai Ashok Dham Stampede--लखीसराय के अशोक धाम मंदिर में सावन के तीसरे सोमवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे थे। इसी दौरान मंदिर परिसर के बाहर एक खंभे और बिजली के तारों के गिरने की बात सामने आई। इसके बाद वहां करंट फैलने की अफवाह तेजी से फैल गई। अफवाह के बाद भीड़ में अचानक हलचल बढ़ी और भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। इस दौरान कई श्रद्धालु गिर पड़े और उन्हें संभलने का मौका नहीं मिला। हादसे में 8 महिलाओं की मौत की पुष्टि की गई है, जबकि कई लोग घायल हुए हैं।
अफवाह के बाद बिगड़े हालात
केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन उर्फ ललन सिंह ने घटना पर संवेदना जताते हुए कहा कि अचानक भीड़ बढ़ने के बीच बिजली का तार गिरने और करंट आने की अफवाह फैली, जिसके बाद भगदड़ मची। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने भी लोगों से अफवाहों से बचने की अपील की। उनका कहना है कि अफवाह कई बार गंभीर दुर्घटनाओं की वजह बन जाती है। प्रशासन अब पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटा रहा है, ताकि यह साफ हो सके कि हादसा किन परिस्थितियों में हुआ।
जांच के साथ लापरवाही पर कार्रवाई के संकेत
मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि घटना की जांच कराई जाएगी और यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होगी। उन्होंने जिला प्रशासन और मंदिर प्रबंधन से बातचीत कर स्थिति की जानकारी ली है। घायलों के लिए बेहतर मेडिकल इंतजाम करने के निर्देश भी दिए गए हैं। बिहार बीजेपी प्रमुख संजय सरावगी ने भी कहा कि सरकार ने उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। उनका कहना है कि प्रभावित परिवारों के साथ सरकार खड़ी है और लापरवाही मिलने पर उचित कार्रवाई की जाएगी।
मृतकों के परिवारों को 4-4 लाख रुपये
हादसे के बाद बिहार सरकार की ओर से मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने का ऐलान किया गया है। साथ ही घायलों के समुचित और जल्द इलाज के लिए प्रशासन को जरूरी निर्देश दिए गए हैं। स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने घटना पर दुख जताते हुए मृत श्रद्धालुओं के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। पूर्व डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा भी घटनास्थल के लिए रवाना हुए हैं।
मुख्यमंत्री ने जताया गहरा दुख
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अशोक धाम की घटना को बेहद दुखद और दिल दहला देने वाला बताया। उन्होंने मृत श्रद्धालुओं के परिवारों के प्रति संवेदना जताते हुए घायलों को बेहतर और त्वरित इलाज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता घायलों को उपचार उपलब्ध कराना और घटनास्थल पर स्थिति को नियंत्रित रखना है। जांच के बाद ही हादसे की पूरी वजह और इसमें किसी तरह की लापरवाही की जिम्मेदारी स्पष्ट हो सकेगी।