
हरियाणा के जींद जिले में 19 साल से औलाद के लिए तरस रहे कालीरामन खाप के उप-प्रधान सुरेंद्र के घर बेटी के जन्म हुआ है, जिसकी खुशी में उन्होंने भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया। कार्यक्रम में पूरे गांव के साथ सभी खापों को न्योता दिया गया। सुरेंद्र ने बताया कि उनकी शादी को 19 साल हो गए हैं। उनकी खुद की कोई संतान नहीं थी। पांच साल पहले भाई के बेटे को गोद लिया था, लेकिन अब घर में लक्ष्मी आई है। बेटी के जन्म से बहुत खुशी है। उन्होंने कहा, 'मैं बेटा-बेटी में कोई फर्क नहीं समझता। बेटी का नाम भूमि रखा है।'
राज्य की सभी खापों को निमंत्रण
बेटी के जन्म पर दंपती ने आयोजित कार्यक्रम में थुआ तपा के 21 गांवों को न्योता दिया है। इसके अलावा प्रदेश की सभी खापों को भी निमंत्रण दिया गया है। उन्होंने कहा कि बेटी के जन्म पर भी बेटे की तरह कार्यक्रम आयोजित किए जाने चाहिए। इससे समाज में अच्छा संदेश जाएगा। ग्रामीणों ने कहा कि सुरेंद्र ने बेटी के जन्म पर जो कार्यक्रम किया है, उसका संदेश पूरे समाज में जाएगा। बेटी के जन्म पर आस-पास के गांव में कभी इस तरह का कार्यक्रम नहीं देखा गया था। लोगों को रूढ़ीवादी सोच को दूर करते हुए परिवार में बेटी का जन्म होने पर खुशियां मनानी चाहिए।
बेटी के जन्म पर किन्नर भी देंगे अब बधाई
किन्नर समुदाय भी अब लड़कियों के जन्म पर बधाई देने आएगा। 'आपकी बेटी, हमारी बेटी' योजना के तहत किन्नर बेटी के जन्म पर 21 हजार रुपये का प्रमाण पत्र देंगे और उन्हें 1100 रुपये का शगुन मिलेगा। यह योजना लिंग अनुपात में सुधार लाने में मदद करेगी। इसके लिए हरियाणा सरकार किन्नर समुदाय के लोगों को अपने साथ जोड़ने जा रही है। योजना के तहत एलआईसी में निवेश किए जाने वाले 21 हजार रुपये का प्रमाण पत्र किन्नर समुदाय के लोग बेटी के जन्म वाले परिवार के मुखिया को प्रदान करेंगे। यह अनूठी और समावेशी पहल जिलों में मुख्य चिकित्सा अधिकारियों की देखरेख में क्रियान्वित की जाएगी। स्वास्थ्य व परिवार कल्याण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव ने किन्नरों को लड़कियों के जन्म वाले घरों में बधाई देने भेजने की योजना का प्रस्ताव तैयार किया है।