देशभर में दिवाली का त्योहार मनाया जा रहा है। इस दिन शाम को मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा करने की परंपरा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, दिवाली की रात विधि-विधान से पूजा करने पर घर में सुख-समृद्धि और खुशहाली आती है। इसी वजह से लोग पूजा के लिए फूल, फल और दूसरी सामग्री पहले से जुटाते हैं। हालांकि, मान्यता है कि मां लक्ष्मी की पूजा में कुछ चीजें नहीं चढ़ानी चाहिए। आइए जानते हैं ऐसी सात चीजों के बारे में, जिन्हें लक्ष्मी पूजन में वर्जित माना जाता है।
तुलसी के पत्ते और मंजरी
भगवान विष्णु की पूजा में तुलसी का विशेष महत्व माना जाता है। उन्हें तुलसी बेहद प्रिय है, लेकिन धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मां लक्ष्मी की पूजा में तुलसी के पत्ते और मंजरी नहीं चढ़ाई जाती। इसलिए दिवाली पर लक्ष्मी पूजन की सामग्री तैयार करते समय तुलसी को अलग रखना चाहिए। भगवान गणेश और मां लक्ष्मी की पूजा की सामग्री में भी अंतर का ध्यान रखना जरूरी माना जाता है।
सफेद रंग के फूल
मां लक्ष्मी की पूजा में लाल, गुलाबी और पीले रंग के फूल चढ़ाना शुभ माना जाता है। कमल, गुलाब और गेंदे के फूल विशेष रूप से अर्पित किए जाते हैं। वहीं, कुछ धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सफेद रंग के फूल जैसे मोगरा, चंपा, रातरानी, चांदनी और तगर चढ़ाने से बचना चाहिए। पूजा के लिए फूल चुनते समय इस परंपरा का ध्यान रखा जाता है।
आंकड़े और कनेर का फूल
आंकड़े के फूल का इस्तेमाल मुख्य रूप से भगवान शिव की पूजा में किया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इसे मां लक्ष्मी को अर्पित नहीं करना चाहिए। इसी तरह कनेर का फूल भी लक्ष्मी पूजन में चढ़ाना शुभ नहीं माना जाता। कनेर के पौधे के कुछ हिस्से विषैले होते हैं, इसलिए इसे संभालते समय सावधानी बरतनी चाहिए। पूजा सामग्री में इसके फूलों को शामिल करने से बचने की सलाह दी जाती है।
दुर्वा घास नहीं चढ़ाएं
दुर्वा घास भगवान गणेश की पूजा में विशेष स्थान रखती है। गणपति को दुर्वा अर्पित करना शुभ माना जाता है, लेकिन मां लक्ष्मी की पूजा में इसे चढ़ाने की परंपरा नहीं है। इसलिए दिवाली पर जब लक्ष्मी और गणेश दोनों की पूजा की जाए तो उनकी अलग-अलग पूजन सामग्री का ध्यान रखना चाहिए। इससे पूजा की पारंपरिक विधि का पालन किया जा सकता है।
बासी और मुरझाए फूलों से बचें
पूजा में हमेशा ताजे और साफ फूलों का इस्तेमाल करना चाहिए। सूखे, मुरझाए, कटे-फटे या कीड़े लगे फूल मां लक्ष्मी को अर्पित नहीं करने चाहिए। धार्मिक मान्यताओं में पूजा के दौरान स्वच्छता और ताजी सामग्री को विशेष महत्व दिया गया है। इसलिए फूल खरीदते समय उनकी ताजगी जरूर देख लें। पूजा से पहले खराब फूलों को अलग कर दें और साफ सामग्री ही इस्तेमाल करें।
काले और गहरे नीले कपड़े न पहनें
लक्ष्मी पूजन के दौरान पहनावे का भी ध्यान रखने की धार्मिक परंपरा है। मान्यता के अनुसार, दिवाली पर मां लक्ष्मी की पूजा करते समय काले या गहरे नीले रंग के कपड़े पहनने से बचना चाहिए। इसके बजाय लाल, पीले और गुलाबी रंग के वस्त्र पहनना शुभ माना जाता है। हालांकि, ये सभी बातें धार्मिक मान्यताओं और परंपराओं पर आधारित हैं। अलग-अलग परिवारों और क्षेत्रों में पूजा की विधि में अंतर हो सकता है