Landmine fears in Hormuz: ईरान और अमेरिका के बीच तनाव कम होने के बावजूद Strait of Hormuz में हालात सामान्य नहीं हो पाए हैं। ईरान ने जहाजों के लिए एक नया समुद्री मार्ग जारी किया है और पुराने रास्ते को असुरक्षित बताया है। दावा किया जा रहा है कि पुराने रूट पर समुद्री बारूदी सुरंगें हो सकती हैं, हालांकि इस दावे पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संदेह भी जताया जा रहा है।
नए रूट पर ईरान का बढ़ा नियंत्रण
ईरान द्वारा सुझाया गया नया मार्ग उसके समुद्री तट के काफी करीब से गुजरता है, जिससे Islamic Revolutionary Guard Corps यानी आईआरजीसी की निगरानी और नियंत्रण काफी बढ़ जाता है। इस स्थिति में ईरान के लिए हर जहाज पर नजर रखना और जरूरत पड़ने पर उसे रोकना आसान हो गया है।
‘तेहरान टोल बूथ’ की चर्चा तेज
अंतरराष्ट्रीय विश्लेषकों का मानना है कि यह व्यवस्था ईरान को रणनीतिक बढ़त दे सकती है। कुछ विशेषज्ञ इसे ‘तेहरान का टोल बूथ’ कह रहे हैं, जहां से गुजरने वाले जहाजों पर ईरान का अप्रत्यक्ष नियंत्रण हो सकता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान के पास यह ताकत है कि वह तय करे कौन सा जहाज आगे बढ़ेगा और कौन नहीं।
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भारतीय जहाज भी जाम में फंसे
इस तनावपूर्ण स्थिति का असर वैश्विक शिपिंग पर साफ दिख रहा है। दुनियाभर के कई जहाज इस मार्ग में फंसे हुए हैं, जिनमें भारत के करीब 20 पोत भी शामिल हैं। भारत सरकार की कूटनीतिक बातचीत के बाद कुछ जहाजों को निकलने की अनुमति मिली है, लेकिन अभी भी स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं हुई है।
दुनिया की ऊर्जा सप्लाई पर खतरा
Strait of Hormuz दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है, जो Persian Gulf को वैश्विक बाजार से जोड़ता है। सऊदी अरब, यूएई, कुवैत और इराक जैसे देशों का तेल और गैस इसी रास्ते से निर्यात होता है। यदि यह मार्ग बाधित होता है, तो पूरी दुनिया में तेल की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है और कीमतों में भारी उछाल आ सकता है।