गौतम बुद्ध नगर जिले में एक संगठित गिरोह ने फर्जी फर्मों के जरिए बिना किसी वास्तविक व्यापार के 1 करोड़ 74 लाख 11 हजार 987 रुपये की जीएसटी चोरी करने का प्रयास किया। इस मामले में CRT (क्राइम रिस्पांस टीम) और थाना सेक्टर-58 नोएडा पुलिस की संयुक्त टीम ने एक और वांछित आरोपी अमित कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारी शनिवार को हुई, जब आरोपी को पूछताछ के लिए थाने लाया गया और साक्ष्य मिलने पर उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
मामला क्या है?
गिरोह ने 29 जुलाई 2024 को मैसर्स केएस इंटरप्राइजेज के नाम से जीएसटी पोर्टल पर फर्जी रजिस्ट्रेशन कराया। इसके बाद उन्होंने आलम इंटरप्राइजेज, केएस इंटरप्राइजेज, सीपी ट्रेडर्स और ट्रेडियोग्राफी जैसी कई बोगस फर्में तैयार कीं। वित्तीय वर्ष 2024-25 में इन फर्मों के जरिए बिना किसी असली खरीद-फरोख्त के बोगस इनवॉइस जारी किए गए। केएस इंटरप्राइजेज ने आलम इंटरप्राइजेज से फर्जी खरीद दिखाई। फिर सीपी ट्रेडर्स को बिक्री दिखाकर बोगस IGST क्लेम किया। सीपी ट्रेडर्स ने ट्रेडियोग्राफी को सप्लाई दिखाई।
ट्रेडियोग्राफी ने इनवर्ड सप्लाई के आधार पर इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) क्लेम करने की कोशिश की।
कुल मिलाकर 1.74 करोड़ रुपये का बोगस IGST क्लेम किया गया और ITC पास करने का प्रयास हुआ। लेकिन जीएसटी विभाग ने ट्रेडियोग्राफी फर्म को पहले ही बंद कर दिया, जिससे क्लेम पूरा नहीं हो सका। यह सब केवल फर्जी दस्तावेजों और इनवॉइस के आदान-प्रदान पर आधारित था – कोई वास्तविक माल नहीं आया-गया।
कैसे पकड़े गए?
मामला 25 अक्टूबर 2025 को थाना सेक्टर-58 मे मुकदमा संख्या 387/2025, धारा 318(4), 338, 336(3), 340, 61(2) बीएनएस)दर्ज हुआ। गहन जांच में साक्ष्य मिलने पर पुलिस ने कार्रवाई तेज की। 12 मार्च 2026 को आरोपी रोहन गुप्ता (पुत्र राकेश गुप्ता, निवासी तुगलकाबाद एक्सटेंशन, दिल्ली) को गिरफ्तार किया गया। 14 मार्च को अमित कुमार (30 वर्ष, पुत्र कल्याण सिंह, निवासी ए-41 बिंदापुर पाकेट-4, उत्तम नगर, द्वारका, दिल्ली) को पूछताछ के लिए थाने बुलाया गया। पूछताछ में साक्ष्य मिलने पर उसे थाना परिसर से गिरफ्तार कर लिया गया। गिरोह का मुख्य पैसा बांटने वाला शुभम कुमार फिलहाल भोडसी जेल, हरियाणा में बंद है। वह फर्जी फर्मों के मामलों में पहले से जेल में है और पैसों का हिसाब-किताब रखता था। ITC क्लेम होने पर वह सभी पार्टनर्स में पैसा बांटता था। पुलिस की जांच जारी पुलिस ने बताया कि गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है। आरोपी अमित कुमार के कब्जे से मोबाइल फोन, टैबलेट और फर्जी आधार कार्ड जैसे सबूत बरामद हुए हैं। यह मामला जीएसटी चोरी के बढ़ते नेटवर्क का हिस्सा है, जहां फर्जी कंपनियां बनाकर सरकार को चूना लगाया जा रहा है।