फीफा वर्ल्ड कप 2026 में पहली बार 48 टीमों ने हिस्सा लिया, लेकिन इसके बावजूद दुनिया के सबसे ज्यादा आबादी वाले कई देश टूर्नामेंट में जगह नहीं बना सके। भारत, चीन, पाकिस्तान, इंडोनेशिया, बांग्लादेश, नाइजीरिया, रूस और इथियोपिया जैसे बड़े देश इस बार भी विश्व कप का हिस्सा नहीं हैं। इससे साफ है कि बड़ी आबादी होना फुटबॉल में सफलता की गारंटी नहीं है।
सिर्फ दो देशों ने बनाई जगह
दुनिया के 10 सबसे ज्यादा आबादी वाले देशों में केवल अमेरिका और ब्राजील ही फीफा वर्ल्ड कप 2026 में खेल रहे हैं। अमेरिका इस बार मेजबान देशों में शामिल है, जबकि ब्राजील फुटबॉल इतिहास की सबसे सफल टीमों में गिना जाता है। बाकी आठ देश क्वालिफाई नहीं कर सके, जबकि इनमें भारत और चीन जैसे 140 करोड़ से ज्यादा आबादी वाले देश भी शामिल हैं।
छोटे देश ने कर दिखाया बड़ा कमाल
दिलचस्प बात यह है कि करीब 6 लाख आबादी वाला एक छोटा देश भी इस बार फीफा वर्ल्ड कप में खेल रहा है। इससे यह साबित होता है कि फुटबॉल में सफलता का आधार केवल जनसंख्या नहीं, बल्कि मजबूत खेल ढांचा, बेहतर प्रशिक्षण और लगातार निवेश होता है। कई छोटे देशों ने इसी रणनीति के दम पर विश्व फुटबॉल में अपनी पहचान बनाई है।
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भारत के लिए अब भी लंबा सफर
भारत में फुटबॉल की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है, लेकिन विश्व कप तक पहुंचने का सपना अभी अधूरा है। विशेषज्ञों का मानना है कि जमीनी स्तर पर बेहतर प्रशिक्षण, मजबूत घरेलू लीग और युवा खिलाड़ियों को ज्यादा अवसर मिलने पर ही भारत भविष्य में फीफा वर्ल्ड कप में जगह बनाने की उम्मीद कर सकता है। फिलहाल दुनिया के सबसे बड़े आबादी वाले देशों में शामिल होने के बावजूद भारत को विश्व फुटबॉल के सबसे बड़े मंच पर पहुंचने का इंतजार जारी है।