भारत के खिलाफ सीमा पार से रची जा रही एक और बड़ी आतंकी साजिश सामने आई है। पाकिस्तान में सक्रिय आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा एक बार फिर समुद्र के रास्ते हमले की तैयारी करता दिख रहा है। हाल में सामने आए वीडियो और सूचनाओं से संकेत मिले हैं कि लश्कर 26/11 जैसे हमले की रणनीति दोहराने की कोशिश कर रहा है। इस बार फोकस तटीय इलाकों और समुद्री घुसपैठ पर बताया जा रहा है, जिसे सुरक्षा एजेंसियां गंभीर खतरे के रूप में देख रही हैं।
वायरल वीडियो ने खोली ट्रेनिंग की पोल
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में लश्कर के मुखौटा संगठन पीएमएमएल से जुड़े नेता हारिस डार आतंकियों की ट्रेनिंग का निरीक्षण करता नजर आता है। वीडियो में दिख रहा है कि आतंकियों को खास तौर पर पानी से जुड़े अभियानों की तैयारी कराई जा रही है। यह ट्रेनिंग सीधे तौर पर समुद्र के रास्ते भारत में घुसपैठ की ओर इशारा करती है, जिससे सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ गई है।
क्या है लश्कर की ‘वॉटर फोर्स’ योजना
वीडियो में यह भी सामने आया है कि आतंकियों को स्कूबा डाइविंग, तैराकी, तेज रफ्तार नाव चलाने और पानी के भीतर ऑपरेशन की ट्रेनिंग दी जा रही है। एक हिस्से में लश्कर का कमांडर यह स्वीकार करता दिखता है कि उसकी ‘वॉटर फोर्स’ तैयार की जा रही है। उसके मुताबिक, अलग-अलग इलाकों में कार्यक्रम चलाकर सैकड़ों युवकों को नाव संचालन और समुद्री गतिविधियों की ट्रेनिंग दी गई है। यह कबूलनामा बेहद चौंकाने वाला माना जा रहा है।
खुली धमकियों से बढ़ी चिंता
इससे पहले लश्कर के वरिष्ठ आतंकी सैफुल्लाह कसूरी भी समुद्र के रास्ते हमले की धमकी दे चुका है। उसने भड़काऊ बयान में भारत को खुले तौर पर चुनौती देने की कोशिश की थी। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे बयान सिर्फ डर फैलाने के लिए नहीं, बल्कि किसी बड़ी साजिश की ओर संकेत करते हैं। इन बयानों के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने तटीय इलाकों पर निगरानी और बढ़ा दी है।
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हार के बाद बदले की कोशिश?
विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि हाल के समय में पाकिस्तान को अलग-अलग मोर्चों पर मिली नाकामी के बाद आतंकी संगठन बौखलाए हुए हैं। इसी झुंझलाहट में अब समुद्री रास्ते से भारत को निशाना बनाने की साजिश रची जा रही है। इसका मकसद सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती देना और दहशत फैलाना बताया जा रहा है।
सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर
इन वीडियो और बयानों के सामने आने के बाद भारतीय सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हो गई हैं। इसे एक गंभीर समुद्री आतंकी खतरे के रूप में देखा जा रहा है। खुफिया एजेंसियों का कहना है कि तटीय शहरों और संवेदनशील इलाकों पर खास नजर रखी जा रही है। एजेंसियों का लक्ष्य है कि किसी भी साजिश को समय रहते नाकाम किया जाए और देश की सुरक्षा में कोई चूक न होने दी जाए।