Rule Change From Today: अक्टूबर 2025 की शुरुआत कई बड़े बदलावों के साथ हुई है। महीने के पहले दिन यानी 1 अक्टूबर से ही रसोई गैस सिलेंडर महंगा हो गया है। वहीं हवाई सफर की लागत भी बढ़ गई है, क्योंकि एयर टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों में इजाफा हुआ है। इसके अलावा यूपीआई सर्विस और ट्रेन टिकट की ऑनलाइन बुकिंग से जुड़े नियमों में भी बदलाव हुए हैं। इन नए नियमों का सीधा असर हर घर और हर जेब पर पड़ने वाला है। आइए जानते हैं इन पांच बड़े बदलावों के बारे में विस्तार से।
1. LPG सिलेंडर की कीमतें बढ़ीं
त्योहारी सीजन की शुरुआत एलपीजी ग्राहकों के लिए महंगाई का झटका लेकर आई है। ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने 19 किलो वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम बढ़ा दिए हैं।
दिल्ली में अब यह सिलेंडर 1,580 रुपये से बढ़कर 1,595 रुपये का हो गया।
कोलकाता में कीमत 1,684 रुपये से बढ़कर 1,700 रुपये हो गई।
मुंबई में 1,531 रुपये का मिलने वाला सिलेंडर अब 1,547 रुपये का हो गया।
चेन्नई में कीमत 1,738 रुपये से बढ़कर 1,754 रुपये हो गई।
हालांकि, राहत की बात यह है कि घरेलू 14 किलो वाले सिलेंडर की कीमत में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
2. हवाई सफर होगा महंगा
फेस्टिव सीजन में यात्रियों को हवाई टिकट के लिए ज्यादा जेब ढीली करनी पड़ेगी। एयर टर्बाइन फ्यूल (ATF) के दाम बढ़ा दिए गए हैं।
दिल्ली में ATF का दाम 90,713.52 रुपये प्रति किलोलीटर से बढ़कर 93,766.02 रुपये हो गया।
कोलकाता में यह 96,816.58 रुपये, मुंबई में 87,714.39 रुपये और चेन्नई में 97,302.14 रुपये प्रति किलोलीटर हो गया है।
ATF के दाम बढ़ने से एयरलाइंस की ऑपरेटिंग कॉस्ट बढ़ेगी, जिसका सीधा असर फ्लाइट टिकट की कीमतों पर पड़ेगा।
3. UPI से जुड़ी सेवा बंद
1 अक्टूबर से यूपीआई पेमेंट से जुड़ी एक महत्वपूर्ण सर्विस को बंद कर दिया गया है। इसका असर उन यूजर्स पर पड़ेगा जो इस माध्यम से लेन-देन किया करते थे। हालांकि, NPCI ने विकल्प उपलब्ध कराने की दिशा में काम शुरू कर दिया है।
4. रेलवे टिकट बुकिंग का नया नियम
इंडियन रेलवे ने ऑनलाइन टिकट बुकिंग प्रक्रिया में बदलाव किया है। अब आईआरसीटीसी पोर्टल और ऐप से टिकट बुक करने वाले यात्रियों को नई शर्तों का पालन करना होगा। इसका असर लाखों रेल यात्रियों पर पड़ेगा।
5. फाइनेंशियल सर्विसेज में बदलाव
1 अक्टूबर से कई वित्तीय सेवाओं और बैंकों की प्रोसेसिंग फीस एवं इंटरेस्ट रेट में भी बदलाव किया गया है। इसका असर खासकर लोन लेने वाले ग्राहकों और डिजिटल बैंकिंग यूजर्स पर पड़ेगा।