गोरखपुर से एक ऐसी खबर आई जिसने यूपी से लेकर दिल्ली तक सिस्टम को हिला दिया है. सीएम योगी के बेहद करीबी कथावाचक प्रवीण शास्त्री को देर रात फोन पर जान से मारने की धमकी मिली, और धमकी देने वाला कोई मामूली शख्स नहीं खुद को लॉरेंस बिश्नोई गैंग का सदस्य बता रहा था. कॉलर ने न सिर्फ प्रवीण शास्त्री को टारगेट किया, बल्कि साफ कहा रवि किशन को समझा दो… मोदी-योगी सब चले जाएंगे. ये वाक्य इतना बड़ा था कि खबर फैलते ही प्रशासन से लेकर केंद्रीय एजेंसियां तक हाई अलर्ट पर आ गईं.
कॉलर ने भेजी तस्वीरें, एक्शन में एजेंसियां
धमकी यहीं तक नहीं रुकी। कॉलर ने व्हाट्सऐप पर प्रवीण शास्त्री, सहजनवां विधायक प्रदीप शुक्ला और भाजपा सांसद रवि किशन की तस्वीरों पर क्रॉस का निशान लगाकर भेजा और कहा ये तो सिर्फ ट्रेलर है, पिक्चर अभी बाकी है. प्रवीण शास्त्री ने तुरंत सारी चैट, वीडियो और ऑडियो स्थानीय पुलिस को दे दी. रामगढ़ ताल थाने में FIR दर्ज हुई, और साइबर टीम ने कॉलर की लोकेशन ट्रेस करना शुरू कर दिया है. चूंकि कुछ दिन पहले रवि किशन के निजी सचिव को भी इसी तरह धमकी मिली थी इसलिए इस केस को बेहद गंभीर माना जा रहा है.
लॉरेंस गैंग के नाम से खौफ, सिस्टम अलर्ट
जैसे ही लॉरेंस गैंग का नाम सामने आया, केंद्रीय गृह मंत्रालय एक्टिव हो गया. खबर है कि अमित शाह ने विस्तृत रिपोर्ट मांगी है और एजेंसियों को पूरा सच सामने लाने के निर्देश जारी किए गए हैं. प्रवीण शास्त्री का सीएम योगी से नजदीकी और धार्मिक आयोजनों में उनकी लगातार मौजूदगी इस धमकी को सिर्फ व्यक्तिगत हमले की कैटेगरी से बाहर ले जाते हैं. इसे सीधे यूपी के टॉप लीडरशिप पर दबाव बनाने की कोशिश माना जा रहा है. भाजपा नेतृत्व अंदरखाने पूरी सुरक्षा समीक्षा कर रहा है.
पुलिस, STF और साइबर टीमें एक्टिव
पुलिस कॉलर की सटीक लोकेशन और कनेक्शन की तह तक जाने में जुटी है. क्या यह कॉल वाकई लॉरेंस गैंग का है? क्या कोई दूसरी साजिश है? क्या किसी राजनीतिक फायदे के लिए यह सब रचा जा रहा है? इन सवालों के जवाब फॉरेंसिक रिपोर्ट के बाद साफ होंगे. फिलहाल क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी गई है, अफसरों के हाथ-पांव फूल चुके हैं और पूरा प्रशासन हाई अलर्ट पर है.