
Lawrence Bishnoi: लॉरेंस बिश्नोई गैंग अब भारत से निकलकर विदेशी जमीन पर अपने नेटवर्क को फैला रहा है। खासकर कनाडा में पिछले एक महीने में सरे और आसपास के इलाकों में पांच से ज्यादा फायरिंग की घटनाएं हुई हैं। इनमें से कई वारदातों की जिम्मेदारी खुद गैंग के सदस्यों ने सोशल मीडिया पर ली है। हैरानी की बात यह है कि इन घटनाओं में रंगदारी या पैसे की मांग नहीं की गई, बल्कि गैंग ने इन्हें ‘गलत लोगों’ को सबक सिखाने की कार्रवाई बताया। कपिल शर्मा के कैफे पर फायरिंग से लेकर रेस्टोरेंट मालिकों को निशाना बनाने तक, गैंग ने हर बार खुद पोस्ट डालकर यह जताने की कोशिश की कि वे अब समाज सुधार के नाम पर कार्रवाई कर रहे हैं।
कनाडा में नई रणनीति का संकेत
कनाडा में लॉरेंस बिश्नोई गैंग की बढ़ती सक्रियता खुफिया एजेंसियों के लिए चिंता का विषय बन गई है। गैंग के सदस्य न सिर्फ फायरिंग की जिम्मेदारी ले रहे हैं, बल्कि उसे ‘न्याय के रूप में पेश’ कर रहे हैं। उदाहरण के तौर पर, नवी तेसी नामक शख्स के ठिकानों पर गोलीबारी की जिम्मेदारी लेते हुए गैंग ने दावा किया कि उसने लॉरेंस के नाम पर लोगों से लाखों वसूले हैं। गैंग ने कहा कि वे मेहनती लोगों से दुश्मनी नहीं रखते, बल्कि सिर्फ उन पर हमला करते हैं जो गलत काम करते हैं या लोगों का शोषण करते हैं। इस बयान से साफ है कि गैंग खुद को अब अपराधी नहीं, बल्कि ‘रॉबिन हुड’ के रूप में पेश करने की कोशिश कर रहा है।
समाज सुधारक की छवि या डर की राजनीति?
सरे में एक रेस्टोरेंट मालिक के चार ठिकानों पर हुई फायरिंग के बाद गैंग के गोल्डी ढिल्लन ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि मालिक अपने कर्मचारियों को परेशान करता था। यह पहली बार है जब किसी गैंग ने अपराध को ‘सामाजिक न्याय’ का रूप देने की कोशिश की है। वहीं, कनाडा सरकार ने लॉरेंस बिश्नोई को आतंकी घोषित कर दिया है, जिसके बाद माना जा रहा है कि गैंग अब "ऑपरेशन C" नाम से नया इंटरनेशनल नेटवर्क खड़ा कर रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह सिर्फ छवि बदलने की रणनीति है, असल मकसद विदेशी जमीन पर अपने प्रभाव और दहशत को मजबूत करना है।