राजधानी दिल्ली के एक ज्वैलरी कारोबारी से 2 करोड़ रुपये की फिरौती मांगने का मामला सामने आने के बाद जांच एजेंसियां सक्रिय हो गईं। कॉल करने वाले ने खुद को लॉरेंस गैंग से जुड़ा बताया था। शुरुआती जांच में मामला मध्य प्रदेश के सिवनी जिले से जुड़ता दिखाई दिया, लेकिन जांच आगे बढ़ी तो कहानी ने नया मोड़ ले लिया। पुलिस पड़ताल में सामने आया कि जिस नंबर से संपर्क किया गया, उसका इस्तेमाल करने वाला व्यक्ति खुद इस पूरे मामले से अनजान था।
सिवनी से जुड़ने पर बढ़ी जांच एजेंसियों की सतर्कता
ज्वैलरी कारोबारी को एक व्हाट्सएप कॉल के जरिए धमकी दी गई थी। कॉल करने वाले व्यक्ति ने खुद को हरी बिश्नोई बताते हुए कथित तौर पर गैंग से जुड़ा सदस्य बताया और करोड़ों रुपये की मांग की। शिकायत मिलने के बाद मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की गई।
मोबाइल नंबर ने जांच को पहुंचाया मध्य प्रदेश
तकनीकी जांच के दौरान संबंधित मोबाइल नंबर का रिकॉर्ड मध्य प्रदेश के सिवनी जिले से जुड़ा मिला। इसके बाद दिल्ली से जांच टीम सिवनी पहुंची और बंडोल थाना क्षेत्र के मारबोड़ी गांव में रहने वाले किसान तक पहुंची। शुरुआत में संदेह उसी व्यक्ति पर गया जिसके नाम पर मोबाइल नंबर दर्ज था।
पूछताछ में सामने आई चौंकाने वाली जानकारी
जांच के दौरान किसान ने बताया कि वह साधारण कीपैड मोबाइल का उपयोग करता है और उसने कभी स्मार्टफोन या व्हाट्सएप का इस्तेमाल नहीं किया। पुलिस ने तकनीकी स्तर पर इसकी पुष्टि भी की। इससे साफ हुआ कि किसान द्वारा व्हाट्सएप कॉल किए जाने की संभावना बेहद कम थी।
नंबर के गलत इस्तेमाल की आशंका
आगे की जांच में यह संकेत मिले कि किसान के मोबाइल नंबर का किसी अन्य व्यक्ति ने गलत तरीके से इस्तेमाल किया हो सकता है। शुरुआती जानकारी में सामने आया कि नंबर की क्लोनिंग कर किसी एंड्रायड डिवाइस में व्हाट्सएप चलाया जा रहा था, जिससे धमकी भरी कॉल की गई।
विदेश से कनेक्शन की जांच जारी
अब तक की जांच में यह बात सामने आई है कि धमकी वाला कॉल सीधे सिवनी से नहीं बल्कि विदेश से संचालित होने की आशंका है। स्थानीय स्तर पर पूछताछ पूरी होने के बाद जांच टीम वापस लौट गई है। वहीं पुलिस इस बात की पड़ताल कर रही है कि तकनीकी माध्यम से नंबर का दुरुपयोग किसने और कैसे किया।