मध्य प्रदेश में कुख्यात लॉरेंस गैंग के नाम पर डर और धमकी फैलाने का बड़ा मामला सामने आया है। राज्य के अलग-अलग जिलों में करीब आधा दर्जन कारोबारियों से फिरौती की मांग की गई, जिससे व्यापारिक जगत में दहशत का माहौल बन गया। भोपाल से लेकर इंदौर और खरगोन तक फैले इस नेटवर्क को लेकर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि यह पूरा नेटवर्क सुनियोजित तरीके से काम कर रहा था।
भोपाल में 10 करोड़ की फिरौती की धमकी
राजधानी भोपाल के कोलार रोड क्षेत्र के एक कारोबारी से 10 करोड़ रुपये की फिरौती मांगी गई। धमकी लॉरेंस गैंग के नाम पर दी गई थी। आरोपी ने व्हाट्सऐप कॉल के जरिए संपर्क किया और बाद में कारोबारी की रेकी कर वीडियो भेजकर डराने की कोशिश भी की। इस मामले ने पुलिस महकमे को सतर्क कर दिया।
एसटीएफ और एसआईटी की संयुक्त कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस महानिदेशक ने विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया। इसके बाद एसटीएफ और एसआईटी ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए मास्टरमाइंड सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। जांच में यह भी सामने आया कि गैंग का संचालन सुनियोजित तरीके से किया जा रहा था और अलग-अलग राज्यों में इसके लिंक जुड़े हुए हैं।
यूपी और राजस्थान तक फैला नेटवर्क
जांच के दौरान उत्तर प्रदेश के बांदा जिले से एक आरोपी निर्मल तिवारी को गिरफ्तार किया गया, जो कारोबारी की रेकी और वीडियो बनाकर धमकी देने में शामिल था। वहीं राजस्थान के बीकानेर से जेपी डारा नामक व्यक्ति को भी पकड़ा गया, जो इस गिरोह को फंडिंग और संसाधन उपलब्ध करा रहा था। पुलिस अब अन्य संदिग्धों की तलाश में जुटी है।
मुख्य आरोपी और आगे की जांच
गिरोह के सरगना के रूप में आनंद मिश्रा का नाम सामने आया है, जिसे सीमा क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया। उसके नेपाल भागने की भी आशंका जताई जा रही थी। अब पुलिस उससे पूछताछ कर अन्य नेटवर्क और सहयोगियों की जानकारी जुटा रही है। इसके अलावा एक अन्य संदिग्ध ‘हैरी बॉक्सर’ की भूमिका की भी जांच जारी है।