इंदौर में लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर धमकी देकर करोड़ों की वसूली की कोशिश का बड़ा खुलासा हुआ है। क्राइम ब्रांच ने इस सनसनीखेज मामले में अशोकनगर जेल में बंद एक बदमाश को मास्टरमाइंड के रूप में चिन्हित किया है। आरोपी को प्रोडक्शन वारंट पर हिरासत में लेकर इंदौर लाया जा रहा है, जहां उससे पूछताछ के जरिए पूरे नेटवर्क और गैंग कनेक्शन का पर्दाफाश होने की उम्मीद है।
धमकी से मचा था हड़कंप
तुकोगंज क्षेत्र में रहने वाले एक बिल्डर को फोन कॉल और वॉइस नोट के जरिए धमकी दी गई थी। खुद को लॉरेंस गैंग का सदस्य बताने वाले आरोपी ने करोड़ों रुपए की मांग की थी। इस घटना के बाद कारोबारी वर्ग में दहशत का माहौल बन गया था, जिसके चलते मामले की गंभीरता को देखते हुए क्राइम ब्रांच ने तत्काल जांच शुरू की।
जेल से चल रहा था पूरा खेल
जांच के दौरान पुलिस को चौंकाने वाला सुराग मिला। तकनीकी साक्ष्यों और मोबाइल ट्रैकिंग के आधार पर पता चला कि इस धमकी के पीछे अशोकनगर जेल में बंद मनीष जांगिड़ का हाथ है। आरोपी पहले से ही एक अन्य आपराधिक मामले में बंद था, लेकिन जेल के अंदर से ही इस साजिश को अंजाम दे रहा था।
गैंग कनेक्शन ने बढ़ाई चिंता
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि मनीष का संपर्क लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े हैरी बॉक्सर से रहा है। दोनों के बीच बातचीत और लेन-देन के कुछ अहम सुराग पुलिस के हाथ लगे हैं। इससे यह मामला सिर्फ फर्जी धमकी का नहीं, बल्कि संगठित अपराध से जुड़े नेटवर्क का हिस्सा माना जा रहा है।
प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तारी
क्राइम ब्रांच की टीम ने कोर्ट से अनुमति लेकर आरोपी को प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार किया। अब उसे इंदौर लाकर पूछताछ की जाएगी। अधिकारियों का मानना है कि पूछताछ में इस गिरोह के अन्य सदस्यों और उनकी कार्यप्रणाली से जुड़े कई बड़े खुलासे हो सकते हैं।
पूरे नेटवर्क को तोड़ने की तैयारी
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, गैंग के नाम पर लोगों को डराकर वसूली करने वालों के खिलाफ सख्त अभियान चलाया जाएगा। इस मामले को उदाहरण बनाकर ऐसे अपराधियों पर नकेल कसने की रणनीति तैयार की जा रही है। इंदौर पुलिस अब पूरे नेटवर्क को खंगालकर शहर में फैले इस डर के खेल को खत्म करने की दिशा में काम कर रही है।