हापुड़, सदर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला जसरुपनगर निवासी एक अधिवक्ता की ट्यूबवैल पर पानी पीने के दौरान लगे करंट की चपेट में आकर मौत हो गई. इस हादसे के बाद परिवार में कोहराम मच गया। मृतक के भतीजे ने ट्यूबवैल मालिक सहित ऊर्जा निगम के अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया है। पीड़ित का आरोप है कि जहां पर ट्यूबवैल स्थित है, वहां पर ट्रांसफार्मर से बिना खंभों के अवैध तरीके से तार लगाए गए हैं। जिस वजह से यह हादसा हुआ है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है.
प्रमोद कुमार जिला एवं सत्र न्यायालय में अधिवक्ता थे। उनके भतीजे मोहल्ला जसरुपनगर निवासी किशोर कुमार ने मुकदमा दर्ज कराया है कि 16 अगस्त की सुबह करीब दस बजे उनके चाचा प्रमोद कुमार अपनी पत्नी सुनीता और पुत्री खुशबू के साथ दस्तोई रोड ग्राम दादरी के क्षेत्र में अपने खेत में लगी धान की फसल से खरपतवार निकालने गए थे। दोपहर करीब डेढ़ बजे खेतों के पास स्थित गांव दादरी निवासी गुड्डू की ट्यूबवैल पर चाचा प्रमोद कुमार पानी पीने के लिए गए थे। तभी अचानक से तेज प्रवाह वाले करंट ने उन्हें पकड़ लिया। किसी प्रकार मौके पर मौजूद चाची सुनीता ने लकड़ी के डंडे की मदद से लोहे के पाइप से चाचा प्रमोद कुमार को अलग किया गया। जिसके बाद पुत्री खुशबू ने कुछ लोगों की मदद से करंट से झुलसे प्रमोद कुमार को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया.
जिसके बाद गंभीर हालत में परिजनों ने चाचा प्रमोद कुमार को आनंद विहार स्थित क निजी अस्पताल में लेकर गए। जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। जिसके बाद पीड़ित ने यूपी-112 पर कॉल की। जहां से पुलिस ने मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। जब परिजनों को करंट लगने की जानकारी हुई तो काफी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए। जहां पर देखा गया कि जिस स्थान पर ट्यूबवैल बनी है, वहां पर ररखे ट्रांसफार्मर से बिना खंभों के अवैध तरीके से तार लगाए गएहैं। जिसमें ट्यूबवैल मालिक गुड्डू और बिजली निगम के जेई, लाइनमैन और विभाग के अन्य कर्मचारियों और अधिकारियों की मिलीभगत और घोर लापरवाही के कारण ही चाचा प्रमोद कुमार की मौत हुई है.
इस मामले में एसएचओ सदर मनीष चौहान ने बताया कि पीड़ित की तहरीर पर ट्यूबवैल मालिक गुड्डू सहित बिजली निगम के सबंधित अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है.