बुलंदशहर। बुलंदशहर में उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के आवाहन पर आज जनपद की सभी सातों तहसीलों में लेखपालों ने फतेहपुर में एक लेखपाल साथी की आत्महत्या के विरोध में एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया। बताया जा रहा है कि मृतक लेखपाल की 26 नवंबर को शादी थी। जिसके लिए वह छुट्टी मांग रहा था। लेकिन एसआईआर के चलते उसे अवकाश नही दिया गया।
फतेहपुर जिले में तैनात लेखपाल की मौत को लेकर साथियों में रोष व्याप्त है और मामले की निष्पक्ष जांच व परिवार को सहायता देने की मांग तेज हो गई है। धरना प्रदर्शन के दौरान लेखपालों ने मांग उठाई कि मृतक लेखपाल के परिवार को सरकारी नौकरी और 50 लाख रुपए का मुआवजा प्रदान किया जाए। लेखपालों का कहना है कि साथी की मौत विभागीय दबाव और कार्यभार के चलते हुई है, ऐसे में सरकार को पीड़ित परिवार के भविष्य की जिम्मेदारी लेनी चाहिए। धरने से तहसीलों में सामान्य कामकाज भी प्रभावित हुआ। किसान अपने आवश्यक कार्यों खसरा-खतौनी, वरासत, फसल सर्वे व प्रमाणपत्र संबंधी कार्य को लेकर कार्यालय पहुंचे लेकिन लेखपालों की अनुपस्थिति के चलते उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ा।
जनपद के सभी लेखपाल आज एकजुट होकर धरने पर बैठे हैं। इसी क्रम में शिकारपुर तहसील के लेखपाल शाम 5:00 बजे एसडीएम शिकारपुर को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपेंगे, जिसमें मृतक लेखपाल के परिवार को आर्थिक सहायता, नौकरी और घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग शामिल होगी। शिकारपुर तहसील परिसर में चल रहा यह धरना प्रदर्शन पूरे प्रदेश में लेखपाल समुदाय के आक्रोश और असंतोष को दर्शा रहा है। उपजिला महासचिव अनिल कुमार ने बताया कि काम का दबाव काफी था। मृतक सुधीर को अपनी खुद की शादी के लिए भी छुट्टी नही दी जा रही थी। इस बात से वह डिप्रेशन से में आ गया था ओर आत्महत्या जैसा कृत्य कर बैठा।