हापुड़। जिले में एक बार फिर तेंदुए की दस्तक से स्थानीय निवासियों में दहशत का माहौल है। कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली पॉश कॉलोनी प्रीत विहार और नजदीकी ग्रामीण इलाके सरावा में तेंदुए को देखे जाने के बाद से लोगों में अफरा-तफरी मची हुई है। प्रीत विहार कॉलोनी में लगे एक सीसीटीवी कैमरे में तेंदुए की चहलकदमी साफ तौर पर कैद हुई है, जिसके बाद से लोग घरों से बाहर निकलने में डर रहे हैं। स्थानीय नागरिकों ने वन विभाग से तुरंत तेंदुए को पकड़ने की गुहार लगाई है।
मिली जानकारी के अनुसार, दिल्ली रोड पर स्थित हापुड़ पिलखुवा विकास प्राधिकरण की प्रीत विहार कॉलोनी में रविवार की रात को कुछ स्थानीय निवासियों ने एक बड़े वन्यजीव को घूमते हुए देखा। शुरुआत में भ्रम की स्थिति रही, लेकिन जब कॉलोनी की सुरक्षा और निगरानी के लिए लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज जांची गई, तो सबके होश उड़ गए। वीडियो में एक तेंदुआ साफ तौर पर रात के अंधेरे में सड़क पर घूमता हुआ नजर आया। यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे कॉलोनी के लोग बेहद डरे हुए हैं।
प्रीत विहार कॉलोनी के साथ-साथ कोतवाली क्षेत्र के ही ग्राम सरावा में भी तेंदुए की मौजूदगी की खबर है। सोमवार सुबह जब ग्रामीण और किसान अपने खेतों पर काम करने के लिए गए, तो उन्हें जमीन पर बड़े वन्यजीव के पंजों के ताजा निशान मिले। किसानों ने दावा किया है कि ये निशान तेंदुए के ही हैं। खेतों में तेंदुए के पंजों के निशान मिलने की खबर फैलते ही ग्रामीणों में हड़कंप मच गया है। किसान अब अकेले खेतों पर जाने से कतरा रहे हैं और समूह बनाकर लाठी-डंडों के साथ निकल रहे हैं।
हापुड़ जनपद में तेंदुए या अन्य हिंसक वन्यजीवों के आने का यह कोई पहला मामला नहीं है। जानकारों और स्थानीय लोगों का कहना है कि जिले की सीमा से सटी गंगा नदी के खादर क्षेत्रों और जंगलों के रास्ते अक्सर तेंदुए भटककर रिहाइशी और शहरी इलाकों की तरफ आ जाते हैं। कुछ महीने पहले भी बाबूगढ़ थाना क्षेत्र के एक गांव में तेंदुए के आने से हड़कंप मचा था, जिसे वन विभाग की टीम ने काफी मशक्कत के बाद रेस्क्यू कर पकड़ा था।
तेंदुए की दस्तक और सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद स्थानीय लोगों ने वन विभाग और जिला प्रशासन के उच्च अधिकारियों को मामले की लिखित और मौखिक सूचना दी है। नागरिकों ने मांग की है कि वन विभाग की टीम तुरंत पिंजरा लगाकर तेंदुए को पकड़े ताकि कोई जनहानि न हो। मामले की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि प्रभावित इलाकों में विशेषज्ञों की टीम भेजी जा रही है। टीम पंजों के निशानों और सीसीटीवी फुटेज का भौतिक सत्यापन कर तेंदुए को पकड़ने के लिए जरूरी कदम उठाएगी।