
प्रयागराज के गंगापार इलाके के हनुमानगंज के 10 किलोमीटर इलाके में तेंदुए का आतंक है। पहली बार 5 अगस्त को देखे जाने के बाद से तेंदुआ लगातार ठिकाने बदल रहा है। तेंदुआ बीती रात से सुदनीपुर कला गांव के रैतारा तालाब में डेरा डाले है। घने जंगल से घिरे तालाब के पास वसोमवार को बकरी चराने गए रामबली भारतीया की बकरे को तेंदुआ ने दबोच लिया। उसकी नजर पड़ी तो वह चिल्लाया और वहां ग्रामीण पहुंच गए। अपनी ओर भीड़ को आता देख तेंदुआ बकरे को छोड़ कर झाड़ी में छिप गया।
तेंदुआ को पकड़ने की जुगत लगाने लगे
तेंदुआ के एक बार फिर क्षेत्र में दिखने की सूचना पर वहां कांबिंग कर रही रेस्क्यू टीम, वन विभाग की टीम पहुंची। इसी बीच जानकारी होने पर एसीपी थरवई भी फोर्स के साथ पहुंचे। पीएसी के जवान भी आ गए। फिर सब मिलकर झाड़ियों में छिपे तेंदुआ को पकड़ने की जुगत लगाने लगे। तालाब के चारों ओर जंगल में बुलडोजर यानी जेसीबी भी लगाई गई है। हर तरफ से घेराबंदी कर तेंदुआ को ट्रेस किया जा रहा है। हालांकि वह अभी हाथ नहीं लग सका है।
खेत के चारों तरफ जाल लगाया
क्षेत्र में दो दिन पूर्व तेंदुआ के हमले में एक युवक के घायल होने के बाद ग्रामीणों में दहशत बढ़ गई है। वन विभाग और पुलिस की टीम ग्रामीणों की मदद से तेंदुआ को पकड़ने के लिए मशक्कत कर रही है। रविवार को भी वन विभाग की टीम ने खेत के चारों तरफ जाल लगाया। इसके बाद बुलडोजर (जेसीबी) से एक बीघा चरी को रौंद दिया गया, फिर बुलडोजर ने तालाब ने उतर कर तेंदुएं के छुपने के कई संभावित ठिकानों जैसे जानवरों की मांद को ढहा दिया बावजूद इसके तेंदुआ हाथ नहीं आया। गांव के लोगों में इस बात को लेकर भी चर्चा होती रही कि अब तेंदुएं के खिलाफ भी बुलडोजर एक्शन लिया जा रहा है।