उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले में तेंदुए की गतिविधियों से ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना हुआ है. चौबेपुर से लेकर जंसा तक के लगभग 10 गांवों के 25,000 से अधिक लोग पिछले 14 दिनों से तेंदुए के आतंक से परेशान हैं.
तेंदुए का पहला हमला
23 मई को चौबेपुर के नवापुरा गांव में तेंदुए की पहली बार उपस्थिति देखी गई. उसने तीन ग्रामीणों पर हमला कर उन्हें घायल कर दिय. वन विभाग के अनुसार उसी दिन रात को तेंदुआ आखिरी बार देखा गया था और सीसीटीवी में उसकी तस्वीरें भी कैद हुई थीं.
जंसा में दिखा तेंदुआ
हाल ही में, 3 जून की रात को जंसा थाना क्षेत्र के बेरूका गांव में ग्रामीणों ने तेंदुए को देखा जाने का दावा किया. हालांकि वन विभाग की टीम ने कॉम्बिंग के दौरान कहीं भी तेंदुए के पांव के निशान नहीं पाए.
नवापुरा में पिजड़ा लगाया गया
नवापुरा गांव में तेंदुए को पकड़ने के लिए वन विभाग ने पिजड़ा रखा है. वन विभाग की टीमें लगातार क्षेत्र में सक्रिय हैं और ग्रामीणों से किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत देने की अपील कर रही हैं.
वन विभाग की प्रतिक्रिया
नवापुरा गांव के जयदेव राजभर ने आरोप लगाया है कि वन विभाग की कार्रवाई में लापरवाही बरती गई है, क्योंकि तेंदुए के लौटने के रास्तों पर सीसीटीवी में उसकी कोई गतिविधि नहीं देखी गई. डीएफओ स्वाति ने ग्रामीणों से अपील की है कि कहीं भी तेंदुआ नजर आता है, तो उसे छेड़े बिना तुरंत पुलिस और वन विभाग को सूचित करें.