LG appeal regarding Amarnath Yatra: जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल एवं श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड (एसएएसबी) के अध्यक्ष मनोज सिन्हा ने अमरनाथ यात्रा में उमड़ रही भारी भीड़ को देखते हुए श्रद्धालुओं से बिना वैध पंजीकरण यात्रा पर नहीं आने की अपील की है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन और सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों के पालन के लिए सभी श्रद्धालुओं को अपने पंजीकरण की निर्धारित तिथि पर ही यात्रा करनी चाहिए।
बढ़ती भीड़ के बीच प्रशासन की अपील
एलजी मनोज सिन्हा ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में अमरनाथ यात्रा में श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ी है। इस बार भी बड़ी संख्या में ऐसे लोग पहुंच रहे हैं, जिन्होंने पंजीकरण नहीं कराया है या अपनी तय तारीख से पहले ही बेस कैंप पहुंच रहे हैं। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर प्रशासन और श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड ने पहले की तुलना में बेहतर व्यवस्थाएं की हैं, लेकिन यात्रा मार्ग पर प्रतिदिन सीमित संख्या में ही श्रद्धालुओं को भेजा जा सकता है। इसलिए सभी श्रद्धालुओं से नियमों का पालन करने का आग्रह किया गया है।
सुरक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं पर विशेष जोर
उपराज्यपाल ने बताया कि यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। नुनवान बेस कैंप में 100 बेड का अस्पताल संचालित किया जा रहा है, जहां प्रतिदिन हजारों श्रद्धालुओं का उपचार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ऊंचाई वाले कठिन मार्ग को देखते हुए पर्याप्त चिकित्सा सुविधाएं और आपातकालीन व्यवस्थाएं उपलब्ध कराई गई हैं, ताकि किसी भी स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।
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यात्रा प्रबंधन की समीक्षा, अधिकारियों को निर्देश
मनोज सिन्हा ने नुनवान बेस कैंप का दौरा कर वरिष्ठ अधिकारियों के साथ यात्रा प्रबंधन की समीक्षा की। बैठक में श्रद्धालुओं की आवाजाही, सुरक्षा व्यवस्था, आवास, पंजीकरण और अन्य जरूरी सुविधाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि श्रद्धालुओं को उनके पंजीकरण परमिट में दर्ज तिथि पर ही यात्रा करने के लिए जागरूक किया जाए, जिससे बेस कैंपों पर भीड़ कम हो और व्यवस्थाओं पर अनावश्यक दबाव न पड़े।
57 दिनों तक चलेगी यात्रा, नियमों के पालन पर जोर
3 जुलाई से शुरू हुई अमरनाथ यात्रा 57 दिनों तक चलेगी। अब तक लगभग 40 हजार श्रद्धालु पवित्र गुफा के दर्शन कर चुके हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यात्रा मार्ग पर प्रतिदिन श्रद्धालुओं की संख्या सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों के अनुसार तय की गई है और निर्धारित सीमा से अधिक लोगों को अनुमति नहीं दी जाएगी। अधिकारियों ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे केवल वैध पंजीकरण के साथ और निर्धारित तारीख पर ही यात्रा करें, ताकि यात्रा सुरक्षित, व्यवस्थित और सुचारु रूप से संपन्न हो सके।