इंग्लैंड के ऑलराउंडर लियाम लिविंगस्टोन ने टीम से बाहर किए जाने को लेकर चौंकाने वाला बयान दिया है। उन्होंने बताया कि उन्हें टीम से बाहर करने की जानकारी एक छोटे से फोन कॉल में दी गई। इस तरीके से मिली सूचना से वह काफी निराश और हैरान हुए।
कोच से बातचीत का अनुभव
लिविंगस्टोन ने कहा कि मुख्य कोच ने उन्हें फोन किया, लेकिन बातचीत एक मिनट से भी कम समय में खत्म हो गई। जब उन्होंने बाहर किए जाने की वजह पूछी, तो सिर्फ इतना कहा गया कि किसी और खिलाड़ी को मौका देना है। इस जवाब ने उन्हें संतुष्ट नहीं किया।
चयनकर्ताओं और कप्तान पर भी सवाल
उन्होंने यह भी बताया कि चयनकर्ता की तरफ से उनसे कोई सीधी बातचीत नहीं हुई। वहीं कप्तान की ओर से सिर्फ एक मैसेज आया। इस पूरे घटनाक्रम ने उन्हें महसूस कराया कि टीम में संवाद की कमी है और खिलाड़ियों को सही तरीके से जानकारी नहीं दी जाती।
बोर्ड के रवैये से भी नाराजगी
लिविंगस्टोन ने क्रिकेट बोर्ड के रवैये पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि उन्होंने बोर्ड के अधिकारियों से बात करने की कोशिश की, लेकिन उन्हें कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला। लंबे समय तक उनसे कोई संपर्क नहीं किया गया, जिससे वह और निराश हुए।
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टीम माहौल पर उठाए सवाल
उन्होंने कहा कि मौजूदा माहौल में अगर खिलाड़ी टीम का हिस्सा है तो सब कुछ ठीक रहता है, लेकिन टीम से बाहर होने पर उसकी कोई खास परवाह नहीं की जाती। इस अनुभव ने उनके नजरिए को पूरी तरह बदल दिया है।
वापसी को लेकर अनिश्चितता
लगातार बाहर रहने और नए खिलाड़ियों के अच्छे प्रदर्शन के कारण उनकी टीम में वापसी मुश्किल नजर आ रही है। हालांकि लिविंगस्टोन ने कहा कि वह अभी भी अपने खेल पर ध्यान दे रहे हैं और आगे मौके की उम्मीद बनाए हुए हैं।