मुजफ्फरनगर। बुढाना थाना क्षेत्र के गांव कुरथल में अवैध संबंध का विरोध करने पर बेटे की हत्या के मामले में जिला सत्र न्यायाधीश बीरेंद्र कुमार सिंह की कोर्ट ने आरोपी मां व उसके प्रेमी को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने दोनों आरोपियों पर 25-25 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। अभियोजन की ओर से पैरवी करने वाले जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) राजीव शर्मा ने बताया कि बुढाना थाना क्षेत्र के गांव कुरथल में 7 अगस्त 2022 को आशीष निवासी कुरथल की गला दबाकर हत्या कर दी गयी थी। उसका शव नलकूप की हौज में पडा मिला था।
इस मामले में मृतक की मां मुनेश देवी की ओर से ही दी गई तहरीर पर पुलिस ने मामले में अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। बुढाना पुलिस ने मामले की जांच पडताल की तो खुलासा हुआ कि मृतक 17 वर्षीय आशीष अपनी माँ मुनेश देवी और उसके प्रेमी सत्येंद्र उर्फ नाधा के बीच प्रेम संबंधों को लेकर लगातार विरोध करता रहता था और घटना वाले दिन भी उसने अपनी मां का विरोध किया था और दोनों में कहासुनी हुई थी। इसके बाद आशीष घर से निकल गया था।
पुलिस ने विवेचना के बादणइस मामले में आशीष की मां मुनेश देवी पत्नी स्व. मामचंद व उसके प्रेमी सत्येन्द्र उर्फ नाधा निवासीगण कुरथल को गिरफ्तार किया था। डीजीसी राजीव शर्मा ने बताया कि पति की मौत के बाद मुनेश के अवैध संबंध सतेन्द्र से हो गए थे। आरोपी सतेन्द्र लगातार उसके घर आता जाता रहता था। इस बात का विरोध मुनेश का बेटा आशीष करता था। रास्ते से हटाने के लिए उसकी मां ने प्रेमी के साथ मिलकर आशीष की गला दबाकर हत्या कर दी और शव को नलकूप की हौज में डाल दिया था।
पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की थी। मामले की सुनवाई जिला सत्र न्यायाधीश कोर्ट में हुई। पीठासीन जिला सत्र न्यायाधीश बीरेंद्र कुमार सिंह ने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य एवं गवाहों के बयान व अधिवक्ताओं की बहस सुनने के बाद प्रेम संबंध में बाधक सगे बेटे की हत्या में शामिल मां मुनेश देवी और उसके प्रेमी सत्येंद्र को हत्या का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने प्रत्येक आरोपी पर 25 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया है।