कोलकाता एयरपोर्ट पर शुक्रवार को खराब मौसम के बीच एक बड़ा हादसा टल गया। अगरतला जाने वाली इंडिगो की एक उड़ान पर आकाशीय बिजली गिरने की घटना सामने आई। विमान उड़ान भरने से पहले एयरोब्रिज पर खड़ा था, तभी तेज बारिश और आंधी-तूफान के दौरान बिजली उसकी चपेट में आ गई। घटना के समय विमान में बड़ी संख्या में यात्री और चालक दल के सदस्य मौजूद थे। राहत की बात यह रही कि किसी भी यात्री को चोट नहीं पहुंची और सभी सुरक्षित रहे।
तूफान के बीच हुई घटना
एयरपोर्ट अधिकारियों के अनुसार, यह घटना ऐसे समय हुई जब कोलकाता और आसपास के क्षेत्रों में मौसम बेहद खराब था। एयरपोर्ट ऑपरेशंस कंट्रोल सेंटर की ओर से पहले ही मौसम संबंधी चेतावनी जारी की जा चुकी थी। विमान एयरोब्रिज पर खड़ा था और प्रस्थान की तैयारी चल रही थी, तभी उस पर बिजली गिर गई। इस वजह से विमान की विद्युत प्रणाली प्रभावित हुई और उसकी बिजली आपूर्ति अस्थायी रूप से बाधित हो गई।
141 यात्रियों को सुरक्षित उतारा गया
घटना के समय विमान में 141 यात्री और चालक दल के छह सदस्य मौजूद थे। सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए एयरलाइन ने सभी यात्रियों को विमान से सुरक्षित बाहर निकाला। बाद में यात्रियों को दूसरे विमान से उनके गंतव्य के लिए रवाना किया गया। निर्धारित समय से देरी के बावजूद सभी यात्रियों को सुरक्षित तरीके से यात्रा पूरी कराने की व्यवस्था की गई। अधिकारियों ने बताया कि पूरी प्रक्रिया सुरक्षा मानकों के अनुसार संपन्न की गई।
ग्राउंड स्टाफ भी हुआ प्रभावित
इंडिगो की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक घटना के दौरान दो ग्राउंड स्टाफ कर्मचारी मामूली रूप से प्रभावित हुए। उन्हें एहतियातन अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकीय जांच के बाद छुट्टी दे दी गई। विमान को भी तकनीकी जांच के लिए भेजा गया ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि बिजली गिरने से किसी प्रकार की गंभीर क्षति नहीं हुई है। एयरपोर्ट प्रशासन और एयरलाइन की तकनीकी टीमों ने स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखी।
खराब मौसम से प्रभावित हुईं उड़ानें
कोलकाता में लगातार हो रही बारिश और तेज हवाओं का असर हवाई सेवाओं पर भी पड़ा। कई उड़ानों के संचालन और समय-सारिणी में बदलाव देखने को मिला। एयरलाइन ने यात्रियों से उड़ान की स्थिति की जानकारी वेबसाइट और मोबाइल ऐप के माध्यम से लेते रहने की अपील की। अधिकारियों ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और मौसम की स्थिति सामान्य होने के बाद उड़ान सेवाओं को सुचारु रूप से संचालित किया गया।