शराब भले ही सेहत के लिए नुकसानदेह मानी जाती हो, लेकिन अमेठी में इसके शौकीनों ने बिक्री के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं. सरकारी आंकड़े बताते हैं कि मई महीने में जिले में शराब की बिक्री ने जबरदस्त उछाल दिखाया, जिससे आबकारी विभाग को 32 करोड़ रुपये का राजस्व मिला. खास बात ये है कि यह आंकड़ा विभाग के तय लक्ष्य से करीब 6.5 करोड़ रुपये अधिक है.
सातवें स्थान पर अमेठी, लेकिन मंडल में सबसे आगे
अमेठी इस बार प्रदेशभर में शराब बिक्री के मामले में सातवें स्थान पर रहा, जबकि अपने मंडल में पहले नंबर पर रहा. विभाग को मई माह में 24.5 करोड़ रुपये का लक्ष्य मिला था, लेकिन यह आंकड़ा 130.63 प्रतिशत तक पार करते हुए 32 करोड़ रुपये तक पहुंच गया.
नीति में बदलाव और शादी-विवाह सीजन ने बढ़ाई बिक्री
आबकारी विभाग के मुताबिक, इस रिकॉर्डतोड़ बिक्री के पीछे दो प्रमुख कारण हैं — प्रदेश सरकार की नई आबकारी नीति और शादी-ब्याह का सीजन. दरअसल, मार्च 2025 में सरकार ने एक बड़ा फैसला लेते हुए अंग्रेजी शराब और बीयर की दुकानों को कंपोजिट (एकीकृत) कर दिया. पहले जहां बीयर की 43 और शराब की 47 दुकानें थीं, अब वह संख्या बढ़कर 85 हो गई. इसका नतीजा ये हुआ कि उपभोक्ताओं को एक ही दुकान पर दोनों तरह की शराब उपलब्ध होने लगी, जिससे बिक्री में जबरदस्त इजाफा हुआ.
नई दुकानों से भी मिला लाभ
जिला आबकारी अधिकारी अखिलेश कुमार आर्य ने जानकारी दी कि इस नई नीति के तहत जिले में नई दुकानों की भी स्थापना की गई, जिससे उपभोक्ताओं को शराब खरीदने में और भी सुविधा मिली. उन्होंने यह भी बताया कि आगे भी आबकारी नीति के तहत इसी तरह की व्यवस्था जारी रहेगी.
अवैध शराब पर सख्ती बरकरार
शराब बिक्री बढ़ने के साथ-साथ अवैध कच्ची शराब पर कार्रवाई भी तेज़ कर दी गई है. जिला प्रशासन और पुलिस मिलकर कच्ची शराब के कारोबार पर शिकंजा कसने में जुटे हैं. विभाग का कहना है कि मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पर भी बिक्री का पूरा डेटा अपडेट किया जा रहा है और आगामी महीनों में भी इसी तरह पारदर्शिता और नियंत्रण के साथ शराब बिक्री की प्रक्रिया जारी रहेगी.