
यूपी में पंचायत चुनावों को लेकर अब तक कोई घोषणा नहीं की गई है. मगर प्रधान पद के लिए खड़े होने का मन बना चुके उम्मीदवारों ने वोटरों को अभी से प्रलोभन देना शुरू कर दिया है. इसी को लेकर ताजा मामला बिजनौर से सामने आया है. दरअसल किरतपुर विकासखंड के आलमपुर गंगा उर्फ गंगावाला गांव में प्रधानी के उम्मीदवार ने गांव के मंदिर से ऐसा ऐलान करा दिया है, जो कि अब पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गया है.
मंदिर के सेवादार ने किया शराब वितरण का ऐलान
बताया जा रहा है कि मंदिर के सेवादार धर्मवीर ने मंदिर के लाउडस्पीकर से ऐलान किया कि ‘सुनो सुनो सुनो सभी ग्रामवासियों को सूचित किया जाता है कि दिनांक 31 अक्टूबर 2025 को पडोस के छितावर गांव के देशी शराब के ठेके पर शराब फ्री में दी जाएगी. इसके लिए सुबह दस से ग्यारह बजे तक शराब का ठेका फ्री कर दिया जाएगा. जिसको जितनी भी शराब लानी और पीनी है सुबह दस बजे से छितावर गांव के देशी शराब ठेके पर पहुंच जाए.
पुजारी ने बताई अनाउंसमेंट की सच्चाई
मंदिर से ये ऐलान तीन बार सेवादार धर्मवीर ने लाउडस्पीकर पर जब किया, तो शराब प्रेमियों में तो खुशी की लहर दौड गई, लेकिन प्रधानी का चुनाव लड़ने का मंसूबा पाले बैठे दूसरे उम्मीदवारों के चेहरों पर मायूसी और नाराजगी छा गई. जिसके बाद कुछ नाराज लोगों ने तुरंत एसडीएम नजीबाबाद और किरतपुर थाने में इस ऐलान के बारे में बता कर कार्रवाई की मांग उठाई. वहीं इस बारे में किरतपुर थाने की इंस्पेक्टर पुष्पा देवी ने बताया कि पुलिस ने मंदिर के सेवादार धर्मवीर से अनाउंसमेंट के बारे में पूछताछ की, तो पुजारी ने कहा कि मंदिर में पचास रुपये देकर किसी भी सूचना का तीन बार अनाउंसमेंट किया जाता है.
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मंदिर से मुनादी कराना बहुत ही गंभीर मामला- एसडीएम
गांव के एक व्यक्ति द्वारा अनाउंसमेंट कराया गया था. लिहाजा उन्होंने ग्रामीणों को ठेका फ्री कर दिए जाने का ऐलान माइक में कर दिया. इसके साथ ही सेवादार धर्मवीर ने अपनी गलती मानते हुए भविष्य में इस प्रकार के अनाउंसमेंट नहीं करने का लिखित माफीनामा भी थाना किरतपुर में दिया है. वहीं एसडीएम नजीबाबाद शैलेन्द्र कुमार सिंह का इसको लेकर कहना है कि अभी शासन या चुनाव आयोग की ओर से चुनावों की कोई घोषणा नहीं की गई है. किसी भी मतदाता को चुनाव के लिए प्रलोभन देना आदर्श चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन है. गांव वालों को फ्री में शराब बांटने के लिए मंदिर से मुनादी कराना बहुत ही गंभीर मामला है. यह धार्मिक भावनाओं से खिलवाड़ भी है. जांच करा कर आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.