पहाड़ों पर हुई ताजा बर्फबारी और सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के असर से मध्यप्रदेश में एक बार फिर ठंड का प्रकोप बढ़ने लगा है। अगले 48 घंटों में मौसम का मिजाज और बिगड़ने वाला है। कई जिलों में घना कोहरा, कोल्ड-डे जैसे हालात और मावठी बारिश की चेतावनी जारी की गई है, जिससे आम जनजीवन और खेती दोनों पर असर पड़ सकता है।
फिर लौटी कड़ाके की ठंड और घना कोहरा
प्रदेश के उत्तरी और मध्य हिस्सों में रात के साथ-साथ दिन के तापमान में तेजी से गिरावट दर्ज की जा रही है। सुबह के समय दृश्यता कम होने से सड़कों पर वाहन चालकों को परेशानी हो रही है। कई जगहों पर कोल्ड-डे जैसे हालात बनने लगे हैं, जिससे स्कूल जाने वाले बच्चों और बुजुर्गों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है।
पश्चिमी विक्षोभ और सिस्टमों का असर
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक उत्तर भारत में दो साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय हैं, वहीं लो-प्रेशर एरिया और ट्रफ लाइन भी प्रभावी बनी हुई है। इसी कारण ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में बीते 24 घंटों में हल्की बारिश दर्ज की गई। 26 जनवरी को मजबूत पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से प्रदेश में मौसम और ज्यादा करवट ले सकता है।
27 जनवरी को इन जिलों में बारिश की संभावना
27 जनवरी को भोपाल, ग्वालियर, उज्जैन, विदिशा, सागर, श्योपुर, शिवपुरी, शाजापुर, अशोकनगर, आगर मालवा, भिंड, मुरैना, दतिया, टीकमगढ़, निवाड़ी, छतरपुर, रतलाम, राजगढ़, गुना, मंदसौर और नीमच में मावठी बारिश का अनुमान है। इन इलाकों में किसानों को फसलों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाने की सलाह दी जा रही है।
28 जनवरी को कहां बदलेगा मौसम
अगले दिन यानी 28 जनवरी को जबलपुर, विदिशा, शहडोल, सिंगरौली, सीधी, सतना, सागर, रायसेन, मैहर, मऊगंज, छतरपुर, टीकमगढ़, रीवा, पन्ना, दमोह, कटनी, नरसिंहपुर और उमरिया में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इससे तापमान में और गिरावट हो सकती है, जिससे ठंड और तेज महसूस होगी।
सबसे ठंडा रहा मंदसौर, कई शहरों में गिरा पारा
तेज सर्द हवाओं के कारण प्रदेश के कई शहरों में न्यूनतम तापमान तेजी से लुढ़का है। मंदसौर सबसे ठंडा रहा, जहां पारा 7.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। राजगढ़ में 7.4, नीमच क्षेत्र में 7.9, पचमढ़ी में 8.2 और कटनी के करौंदी में 9.2 डिग्री न्यूनतम तापमान रिकॉर्ड हुआ। भोपाल और इंदौर में भी शाम होते-होते ठंड का असर और बढ़ गया है।