मध्यप्रदेश के जबलपुर से एक हैरान कर देने वाला फर्जीवाड़ा सामने आया है, जिसमें निजी माइक्रो फाइनेंस कंपनी के दो कर्मचारियों ने कंपनी से बीमा राशि हड़पने के लिए एक चौंकाने वाली तरकीब अपनाई। दोनों आरोपियों ने लोन लेने वाली महिलाओं के जीवित पतियों को कागजों में मृत घोषित कर दिया और उन्हें विधवा बताकर न केवल लोन माफ कराया बल्कि बीमा का पैसा भी खुद हड़प लिया। यह गोरखधंधा कई महीनों से चल रहा था। अब तक करीब 8 लाख रुपए के फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। कंपनी ने पुलिस में शिकायत की है और आगे की जांच जारी है।
फर्जी दस्तावेजों से की ठगी
नरसिंहपुर निवासी अंकित कुमार मेहरा और सिहोरा निवासी संतोष ठाकुर माइक्रो फाइनेंस कंपनी में रिलेशनशिप अफसर के पद पर कार्यरत थे। कंपनी के नियमों के मुताबिक, यदि किसी महिला ग्राहक के पति की मृत्यु हो जाती है, तो उनका लोन माफ हो सकता है। इस loophole का फायदा उठाकर दोनों ने जिंदा व्यक्तियों के फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाकर लोन माफ कराया और बीमा की राशि हड़प ली।
कंपनी ने दर्ज कराई FIR
कंपनी को जब शक हुआ तो जांच में इस धोखाधड़ी का पता चला। इसके बाद पनागर थाने में दोनों कर्मचारियों के खिलाफ धोखाधड़ी, गबन और साजिश रचने की धाराओं में मामला दर्ज किया गया। हालांकि अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
महिलाओं की भी होगी भूमिका की जांच
पुलिस ने कहा है कि जिन महिलाओं के नाम पर लोन माफ कराए गए, उनकी भूमिका भी संदेह के घेरे में है। यदि उनकी सहमति या मिलीभगत पाई गई, तो उन्हें भी आरोपी बनाया जाएगा। कंपनी ने अपनी अन्य शाखाओं की जांच भी शुरू कर दी है।
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