LOHAGADH MURDER CASE : पुणे के चर्चित लोहगढ़ किले में केतन अग्रवाल की मौत के मामले में पुलिस ने 5,053 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है। चार्जशीट में सिया गोयल, चेतन चौधरी और रितेश हांगे पर हत्या की साजिश और वारदात को अंजाम देने के आरोपों से जुड़ी कई जानकारियां सामने आई हैं। पुलिस के मुताबिक जांच में आरोपियों की कथित तैयारी, डिजिटल साक्ष्य, फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट और घटनास्थल की रेकी से जुड़े तथ्य मिले हैं। इन्हीं सुरागों ने जांच को आगे बढ़ाने में मदद की।
जिसे हमले के लिए संपर्क किया, वही बना गवाह
चार्जशीट के मुताबिक आरोपियों ने पहले केतन को घायल करने के लिए बाहर से किसी व्यक्ति को किराये पर लेने पर विचार किया था। हालांकि बाद में उन्हें डर था कि बाहरी व्यक्ति साजिश की जानकारी सामने ला सकता है, इसलिए कथित तौर पर यह योजना बदल दी गई। पुलिस के अनुसार जिस व्यक्ति से संपर्क किया गया था, वही बाद में मामले में उनके खिलाफ गवाह बन गया। यह कड़ी जांच के दौरान महत्वपूर्ण मानी गई।
हत्या की तैयारी के लिए फिल्में और पॉडकास्ट देखने का दावा
पुलिस की चार्जशीट में आरोप है कि वारदात से पहले हत्या से संबंधित फिल्मों और पॉडकास्ट की जानकारी ली गई। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने इंटरनेट पर हत्या और पुलिस से बचने के तरीकों से जुड़ी सामग्री भी खोजी थी। जांचकर्ताओं को कथित सर्च हिस्ट्री और अन्य डिजिटल जानकारी मोबाइल फोन से मिली।
दूसरे चर्चित मर्डर केस को लेकर भी सर्च
चार्जशीट के मुताबिक सिया और उसके साथियों ने राजा रघुवंशी हत्याकांड से जुड़ी जानकारी भी इंटरनेट पर सर्च की थी। पुलिस का दावा है कि आरोपियों ने इस मामले में सामने आई गलतियों और जांच के दौरान सामने आए सुरागों को समझने की कोशिश की। संबंधित सर्च हिस्ट्री भी जांच में सामने आने की बात कही गई है।
‘माही’ नाम से बनाया गया फर्जी इंस्टाग्राम अकाउंट
जांच में एक कथित फर्जी इंस्टाग्राम अकाउंट का भी जिक्र है। चार्जशीट के अनुसार सिया ने एक परिचित महिला की तस्वीर का इस्तेमाल कर ‘माही’ नाम से अकाउंट बनाया था। इस अकाउंट से केतन को मैसेज भेजकर 18 जून को लोहगढ़ किले में सिया की बर्थडे पार्टी में आने के लिए तैयार किया गया। पुलिस के मुताबिक वारदात के बाद यह अकाउंट डिलीट कर दिया गया।
लोहगढ़ किले को चुनने से पहले की गई रेकी
चार्जशीट में दावा किया गया है कि लोहगढ़ किले को चुनने से पहले आरोपियों ने लोनावला के आसपास कई स्थानों की रेकी की थी। पुलिस के अनुसार सुनसान जगह की तलाश में टाइगर प्वाइंट सहित कुछ अन्य स्थान देखे गए। लोहगढ़ को कथित तौर पर इसलिए चुना गया क्योंकि वहां हुई एक पुरानी घटना के आधार पर केतन की मौत को दुर्घटना जैसा दिखाने की योजना थी।
14 जून को भी धक्का देने का आरोप
पुलिस के मुताबिक 14 जून को सिया और केतन लोहगढ़ गए थे। चार्जशीट में आरोप है कि उस दौरान भी सिया ने केतन को धक्का देने की कोशिश की थी, लेकिन वह पेड़ पकड़कर बच गया। पूछने पर कथित तौर पर सांप देखने की बात कही गई। इसके अलावा 6 जून को शादी से पहले फोटोशूट के लिए जाते समय केतन का पासपोर्ट फाड़ने का भी आरोप चार्जशीट में है।
18 जून को हुई थी केतन की मौत
चार्जशीट के मुताबिक 18 जून को चेतन चौधरी किले के बाहर जाने वाले रास्ते से अंदर आया। पुलिस का दावा है कि सिया के संकेत के बाद वह उसके साथ शामिल हुआ। आरोप है कि केतन का ध्यान दूसरी ओर होने पर सिया ने उसे पीछे से धक्का दिया और चेतन ने भी उसे लात मारी, जिससे वह किले से नीचे गिर गया। जांच में 100 से अधिक लोगों के बयान, मोबाइल डेटा, व्हाट्सऐप चैट, तस्वीरें और कॉल डिटेल्स को साक्ष्य के तौर पर शामिल किए जाने की बात कही गई है।