London Ganga Aarti : वाराणसी के घाटों पर होने वाली गंगा आरती का नजारा अब लंदन में भी देखने को मिलेगा। सितंबर में लंदन की थेम्स नदी के किनारे भारतीय परंपरा से जुड़ी गंगा आरती का आयोजन किया जाएगा। खास बात यह है कि इस दौरान लंदन का ऐतिहासिक माहौल भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक रंग में रंगा नजर आएगा। यह आयोजन 13 सितंबर 2026 को ग्रीनविच स्थित ओल्ड रॉयल नेवल कॉलेज में होगा।
थेम्स किनारे होगी खास आरती
इस खास कार्यक्रम को चिन्मय मिशन यूके की ओर से आयोजित किया जा रहा है। यह कार्यक्रम ‘टोटली थेम्स 2026’ का हिस्सा है। आयोजकों के अनुसार, इसका मकसद भारतीय संस्कृति, संगीत, कला और परंपराओं को लंदन के लोगों तक पहुंचाना है। कार्यक्रम में भारतीय भोजन, संगीत, नृत्य और परिवार के लिए कई गतिविधियां भी होंगी। मुख्य गंगा आरती शाम करीब 7:15 बजे शुरू होगी। सूर्यास्त के समय जब आरती के दीप जलेंगे और मंत्रों की आवाज थेम्स के किनारे गूंजेगी, तब वहां का नजारा बेहद खास होने की उम्मीद है।
काशी की याद दिलाएगा लंदन
गंगा आरती भारत में खास तौर पर वाराणसी, हरिद्वार और ऋषिकेश के घाटों से जुड़ी है। शाम के समय नदी के सामने दीप और बड़े दीपदान के साथ होने वाली आरती भारतीय संस्कृति की खास पहचान मानी जाती है। अब इसी परंपरा को लंदन की थेम्स नदी के किनारे प्रस्तुत किया जाएगा। हालांकि यह वाराणसी की रोजाना होने वाली आरती जैसा बिल्कुल नहीं होगा, लेकिन इसका उद्देश्य भारतीय परंपरा की भावना और सांस्कृतिक महत्व को नए माहौल में लोगों तक पहुंचाना है।
पर्यावरण का भी रखा जाएगा ध्यान
इस आयोजन की एक खास बात पर्यावरण को लेकर भी है। आयोजकों ने साफ किया है कि थेम्स नदी में फूल, मूर्ति या किसी तरह की पूजा सामग्री नहीं डाली जाएगी। यानी परंपरा को निभाने के साथ नदी को साफ रखने का भी ध्यान रखा जाएगा। कार्यक्रम में प्रवेश निशुल्क रखा गया है और इसे सभी लोगों के लिए खुला बताया गया है। हालांकि बड़ी संख्या में लोगों की रुचि के कारण पंजीकरण को लेकर पहले ही काफी प्रतिक्रिया मिल चुकी है।
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भारत की गंगा से जुड़ी यह परंपरा अब हजारों किलोमीटर दूर लंदन की थेम्स नदी तक पहुंच रही है। ऐसे में यह आयोजन सिर्फ एक धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और ब्रिटेन के बीच एक खास सांस्कृतिक जुड़ाव की तस्वीर भी पेश करेगा।