मध्यप्रदेश में एक बार फिर लुटेरी दुल्हन और उसके गिरोह की कहानी सामने आई है, जिसने भोले-भाले युवकों को शादी का झांसा देकर लाखों की ठगी की। सीहोर जिले के आष्टा से लेकर अलीराजपुर जिले तक इस गिरोह का नेटवर्क फैला हुआ था। यह गिरोह शादी के नाम पर युवकों को जाल में फंसाता और पैसे ऐंठकर फरार हो जाता। अलीराजपुर जिले में एक युवक की सजगता के चलते पूरे गिरोह का भांडाफोड़ हुआ और पुलिस ने दुल्हन सहित छह लोगों को गिरफ्तार किया है।
अलीराजपुर में ऐसे हुआ खुलासा
अलीराजपुर जिले के चांदपुर गांव में एक आदिवासी युवक से शादी के नाम पर 1.5 लाख रुपये की डील की गई थी। लड़की ने खुद को आदिवासी बताकर भरोसा दिलाया, लेकिन बातचीत के दौरान युवक को संदेह हुआ कि वह आदिवासी नहीं है। उसने गांव वालों को जानकारी दी, जिससे पहले तो दुल्हन और उसका गिरोह भागने की कोशिश करने लगे, लेकिन ग्रामीणों ने कुछ दूरी पर पकड़कर पुलिस को सूचना दी।
शादी का झांसा, रिश्तेदारों की फर्जी पहचान
गिरोह की रणनीति बेहद शातिर थी। दुल्हन बनने वाली लड़की अपने साथ मौजूद अन्य पांच लोगों को रिश्तेदार बताकर शादी की प्रक्रिया पूरी करवाती थी। ये लोग न केवल पहचान छिपाते थे बल्कि ऐसे युवकों को तलाशते थे जो सामाजिक या पारिवारिक कारणों से जल्दी शादी करना चाहते थे। युवक की जल्दबाजी ही इनका सबसे बड़ा हथियार थी।
आष्टा में भी हो चुकी है ठगी
पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि गिरोह ने सीहोर जिले के आष्टा में भी इसी तरह के मामलों को अंजाम दिया है। वहां भी कई युवकों को शादी के नाम पर ठगा गया है। पूछताछ में गिरोह के सदस्यों ने कबूल किया है कि वे एक सुनियोजित तरीके से विभिन्न जिलों में सक्रिय रहते हैं और शादी न होने की मजबूरी का फायदा उठाकर शिकार बनाते हैं।
पुलिस जांच में जुटी, गिरोह का नेटवर्क बड़ा
फिलहाल पुलिस ने सभी छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और उनके मोबाइल, दस्तावेजों व संपर्कों की जांच शुरू कर दी गई है। आशंका है कि इस गिरोह के तार और भी कई जिलों से जुड़े हो सकते हैं और इससे जुड़े कई और नाम सामने आ सकते हैं। पुलिस अब अन्य ठगी के मामलों की तलाश में सक्रिय हो गई है।