Flowers to Avoid in Puja: हिंदू धर्म में पूजा के दौरान फूल चढ़ाना देवी-देवताओं के प्रति श्रद्धा प्रकट करने का एक खास तरीका माना जाता है। मान्यता है कि भगवान को प्रिय पुष्प अर्पित करने से पूजा में विशेष महत्व जुड़ता है। हालांकि, हर फूल हर देवी-देवता को चढ़ाना शुभ नहीं माना जाता। कुछ पुष्प और पूजन सामग्री को लेकर धार्मिक ग्रंथों और परंपराओं में विशेष नियम बताए गए हैं। ऐसे में पूजा करते समय इन बातों की जानकारी होना जरूरी है। आइए, आचार्य इंदु प्रकाश के बताए नियमों के आधार पर जानते हैं कि भगवान विष्णु और मां दुर्गा की आराधना में किन फूलों और चीजों से परहेज करने की मान्यता है।
किस देवी-देवता को कौन से फूल चढ़ाना माना जाता है शुभ?
धार्मिक परंपराओं में अलग-अलग देवी-देवताओं के लिए विशेष रंगों और फूलों का उल्लेख मिलता है। भगवान विष्णु की पूजा में पीले रंग के फूलों को खास स्थान दिया जाता है। सफेद पुष्प भी उन्हें प्रिय माने जाते हैं। वहीं, सूर्य देव, भगवान गणेश और भैरव की आराधना में लाल फूल चढ़ाने की परंपरा प्रचलित है। भगवान शिव की पूजा में सफेद फूलों का विशेष महत्व बताया जाता है। फूलों का चयन करते समय उनकी ताजगी और स्वच्छता का भी ध्यान रखना चाहिए। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पूजा में अर्पित किए जाने वाले पुष्प साफ और सही अवस्था में होने चाहिए। देवी-देवताओं से जुड़ी परंपराओं का पालन करके श्रद्धालु अपनी पूजा संपन्न करते हैं।
भगवान विष्णु की पूजा में इन चीजों को चढ़ाने से बचें
भगवान विष्णु की आराधना में कुछ फूलों और पूजन सामग्री को अर्पित करने से बचने की मान्यता है। धार्मिक परंपराओं के अनुसार, विष्णु जी को अक्षत यानी चावल नहीं चढ़ाए जाते। इसके अलावा मदार और धतूरे के फूल भी उनकी पूजा में वर्जित बताए गए हैं। मान्यता है कि भगवान विष्णु को प्रिय पुष्प अर्पित करने से पूजा में विशेष भाव जुड़ता है। इसलिए उनकी आराधना करते समय फूलों के चयन और पूजन सामग्री से जुड़े पारंपरिक नियमों की जानकारी रखना अच्छा माना जाता है।
मां दुर्गा की पूजा में न चढ़ाएं ये फूल
मां दुर्गा की पूजा में भी पुष्प अर्पित करने से जुड़े कुछ नियम बताए गए हैं। धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, देवी की आराधना में दूब, मदार, हरसिंगार, बेल और तगर के फूल चढ़ाने से परहेज किया जाता है। इसके अलावा चंपा और कमल के फूलों को छोड़कर अन्य पुष्पों की कलियां अर्पित करने की मनाही बताई गई है। कटसरैय्या, नागचंपा और बृहति के फूलों को भी कुछ धार्मिक परंपराओं में पूजा के लिए उपयुक्त नहीं माना गया है। इसलिए मां दुर्गा की पूजा के लिए फूल चुनते समय इन मान्यताओं का ध्यान रखा जाता है।
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पूजा-पाठ में फूल चढ़ाते समय किन बातों का रखें ध्यान?
पूजा में फूल अर्पित करने का उद्देश्य देवी-देवताओं के प्रति अपनी श्रद्धा और भक्ति प्रकट करना है। ऐसे में पुष्पों को चुनते समय उनकी स्वच्छता और ताजगी का ध्यान रखना चाहिए। पूजा के लिए मुरझाए या गंदे फूलों का इस्तेमाल करने से बचना चाहिए। साथ ही, जिस देवी या देवता की पूजा की जा रही है, उनसे जुड़ी धार्मिक परंपराओं की जानकारी रखना उपयोगी होता है। ध्यान रहे कि फूलों और पूजन सामग्री को लेकर अलग-अलग क्षेत्रों, ग्रंथों और संप्रदायों में मान्यताएं अलग हो सकती हैं। इसलिए पूजा करते समय अपने परिवार की परंपरा या संबंधित धार्मिक विद्वान की सलाह को भी महत्व दें।