आज के समय में क्रेडिट कार्ड सिर्फ खर्च करने का जरिया नहीं, बल्कि फाइनेंशियल पहचान का हिस्सा बन चुका है। ऑनलाइन शॉपिंग, होटल बुकिंग, फ्लाइट टिकट या इमरजेंसी खर्च—हर जगह इसकी जरूरत पड़ती है। लेकिन जैसे ही कोई नया क्रेडिट कार्ड लेने के लिए आवेदन करता है, बैंक सबसे पहले उसका CIBIL स्कोर जांचते हैं। यही स्कोर तय करता है कि आपको कार्ड मिलेगा या नहीं।
क्या होता है CIBIL स्कोर?
CIBIL स्कोर 300 से 900 के बीच का तीन अंकों का नंबर होता है, जो बताता है कि आपने पहले लोन या क्रेडिट कार्ड का भुगतान समय पर किया या नहीं। आमतौर पर 750 से ऊपर का स्कोर अच्छा माना जाता है। अगर स्कोर 600 से कम है तो बैंक आपको जोखिम वाला ग्राहक मान सकते हैं। इसका मतलब यह नहीं कि आपको कभी कार्ड नहीं मिलेगा, लेकिन शर्तें सख्त हो सकती हैं।
क्या खराब स्कोर पर पूरी तरह रोक है?
कई लोग सोचते हैं कि खराब स्कोर होने पर नया क्रेडिट कार्ड मिलना नामुमकिन है। लेकिन सच्चाई यह है कि भारतीय रिजर्व बैंक ने ऐसा कोई नियम नहीं बनाया है, जो कम स्कोर वालों को कार्ड देने से मना करता हो। कार्ड जारी करना पूरी तरह बैंक या वित्तीय कंपनी की नीति पर निर्भर करता है। हर बैंक अपने हिसाब से जोखिम का आकलन करता है।
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कम स्कोर वालों के लिए क्या विकल्प हैं?
अगर आपका स्कोर कम है तो भी रास्ते बंद नहीं होते। सबसे आसान तरीका है सिक्योर्ड क्रेडिट कार्ड लेना। इसमें आपको बैंक में फिक्स्ड डिपॉजिट जमा करनी होती है और उसी के बदले कार्ड दिया जाता है। इसके अलावा आप परिवार के किसी सदस्य के कार्ड पर ऐड-ऑन कार्ड भी ले सकते हैं। कुछ फिनटेक कंपनियां और एनबीएफसी छोटी लिमिट वाला कार्ड भी देती हैं, ताकि आप धीरे-धीरे अपना रिकॉर्ड सुधार सकें।
कैसे सुधरेगा खराब CIBIL स्कोर?
क्रेडिट कार्ड को सही तरीके से इस्तेमाल करने से आपका स्कोर बेहतर हो सकता है। हर महीने समय पर पूरा बिल चुकाना सबसे जरूरी है। कोशिश करें कि अपनी क्रेडिट लिमिट का 30 से 40 प्रतिशत से ज्यादा खर्च न करें। लगातार 6 से 12 महीने तक जिम्मेदारी से भुगतान करने पर स्कोर में साफ सुधार दिखाई दे सकता है।
सही प्लानिंग से खुलेंगे नए रास्ते
एक बार आपका CIBIL स्कोर बेहतर हो जाता है तो बिना फिक्स्ड डिपॉजिट वाले यानी अनसिक्योर्ड कार्ड भी मिल सकते हैं। इसलिए घबराने की जरूरत नहीं है। खराब स्कोर अंत नहीं, बल्कि सुधार का मौका है। समझदारी से खर्च और समय पर भुगतान आपको फिर से बैंक की नजर में भरोसेमंद बना सकता है।