संसद के बजट सत्र का पहला चरण हंगामे और राजनीतिक टकराव के बीच समाप्त हो गया। 12वें दिन लोकसभा को 9 मार्च 2026 तक के लिए स्थगित कर दिया गया, जबकि राज्यसभा में प्रश्नकाल शुरू होने से पहले सत्ता और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली। ट्रेड डील, अनपब्लिश्ड मेमॉयर विवाद और मंत्री के खिलाफ विरोध प्रदर्शन जैसे मुद्दों ने सत्र को गरमा दिया। अब तीन हफ्तों के ब्रेक में स्टैंडिंग कमेटियां बजट आवंटन की समीक्षा करेंगी।
लोकसभा 9 मार्च तक स्थगित
शुक्रवार को कार्यवाही शुरू होते ही शिक्षा, स्वास्थ्य, गृह, कानून, वाणिज्य और कपड़ा मंत्रालय सहित कई मंत्रालयों से जुड़े दस्तावेज सदन के पटल पर रखे गए। इसके तुरंत बाद लोकसभा को 9 मार्च 2026 तक स्थगित कर दिया गया। तीन सप्ताह के अवकाश के दौरान संसदीय स्थायी समितियां केंद्रीय मंत्रालयों को आवंटित बजट की विस्तार से जांच करेंगी। यह प्रक्रिया बजट पारदर्शिता और जवाबदेही के लिहाज से अहम मानी जाती है।
राज्यसभा में चेयर बनाम विपक्ष
राज्यसभा में विपक्ष के नेता Mallikarjun Kharge ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर अपने भाषण से हटाए गए अंशों को बहाल करने की मांग की। इस पर सभापति C. P. Radhakrishnan ने स्पष्ट किया कि नियमों के तहत हटाई गई टिप्पणियां दोबारा बहाल नहीं की जा सकतीं। उन्होंने कहा कि चेयर के निर्णय पर निर्देश देना लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ है। इस मुद्दे पर सत्ता और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली।
वित्त मंत्री का नियमों पर जोर
वित्त मंत्री Nirmala Sitharaman ने नियम पुस्तिका का हवाला देते हुए कहा कि यदि चेयर को कोई शब्द असंसदीय या अशोभनीय लगे तो उसे कार्यवाही से हटाने का अधिकार है। उनका कहना था कि चेयर के फैसले पर सवाल उठाना उचित नहीं है। इस बयान के बाद सदन में कुछ देर के लिए शोर-शराबा भी हुआ।
विपक्ष का प्रदर्शन और आरोप
संसद परिसर में विपक्षी सांसदों ने केंद्रीय मंत्री Hardeep Singh Puri के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। यह विरोध उस बयान के बाद हुआ जिसमें लोकसभा में विपक्ष के नेता Rahul Gandhi ने एक अंतरराष्ट्रीय मामले से जुड़े कथित संबंधों का जिक्र किया था। प्रदर्शन के दौरान तख्तियां लहराई गईं और सरकार से जवाब मांगा गया।
पहले चरण में क्या-क्या हुआ
बजट सत्र का पहला हिस्सा कई विवादों से घिरा रहा। इंडिया-अमेरिका इंटरिम ट्रेड डील और पूर्व सेना प्रमुख की अप्रकाशित पुस्तक से जुड़े मुद्दों पर जोरदार बहस हुई। गुरुवार को ‘इंडस्ट्रियल रिलेशंस कोड (संशोधन) विधेयक, 2026’ भी पारित किया गया। अब 9 मार्च को सत्र का दूसरा चरण शुरू होगा, जहां बजट पर विस्तृत चर्चा और अन्य विधायी कार्यों के पूरे होने की संभावना है।