LPG E KYC Deadline : देश में LPG कनेक्शन की संख्या में कमी को लेकर उपभोक्ताओं के बीच चर्चा बढ़ गई है। इसके पीछे नए घरेलू LPG कनेक्शन पर लगी अस्थायी रोक के साथ पुराने कनेक्शनों की जांच और आधार आधारित E-KYC भी प्रमुख कारण बताए जा रहे हैं। तेल कंपनियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि कौन से कनेक्शन सक्रिय हैं और किनका लंबे समय से इस्तेमाल नहीं हो रहा है।
नए LPG कनेक्शन पर क्यों लगी रोक
मध्य पूर्व में तनाव के बीच LPG की आपूर्ति को लेकर दबाव बढ़ने के बाद घरेलू और व्यावसायिक सिलेंडरों की उपलब्धता प्रभावित हुई थी। इसके बाद तेल कंपनियों ने नए घरेलू LPG कनेक्शन जारी करने पर रोक लगाई। इस दौरान मौजूदा कनेक्शनों की भी जांच शुरू की गई, ताकि उपलब्ध गैस आपूर्ति का इस्तेमाल सक्रिय उपभोक्ताओं के लिए किया जा सके।
पुराने कनेक्शनों की हो रही जांच
तेल कंपनियां पुराने LPG कनेक्शनों का आधार आधारित सत्यापन कर रही हैं। इसका उद्देश्य रिकॉर्ड को अपडेट करना, निष्क्रिय कनेक्शनों की पहचान करना और एक ही व्यक्ति या परिवार के नाम पर मौजूद कई कनेक्शनों की जांच करना है। ऐसे घरों की जानकारी भी जांच के दायरे में है, जहां पहले से PNG कनेक्शन मौजूद है। इससे LPG उपभोक्ताओं का रिकॉर्ड अधिक व्यवस्थित करने की कोशिश की जा रही है।
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उज्ज्वला लाभार्थियों की संख्या घटी
LPG कनेक्शनों की जांच का असर प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों के आंकड़ों में भी दिखाई दिया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों की संख्या पहले करीब 10.63 करोड़ थी, जो घटकर लगभग 10.57 करोड़ रह गई है। यानी करीब छह लाख लाभार्थियों की संख्या कम हुई है। इसमें निष्क्रिय या सत्यापन से जुड़े मामलों की भूमिका बताई जा रही है।
30 सितंबर तक E-KYC जरूरी
LPG उपभोक्ताओं के लिए E-KYC की प्रक्रिया को महत्वपूर्ण बताया जा रहा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 30 सितंबर 2026 तक E-KYC कराने की समयसीमा रखी गई है। यदि उपभोक्ता तय समय तक सत्यापन पूरा नहीं कराता है तो 1 अक्टूबर से सब्सिडी मिलने में परेशानी आ सकती है। कुछ मामलों में सिलेंडर बुकिंग भी प्रभावित होने की बात कही जा रही है। इसलिए उपभोक्ताओं के लिए अपने LPG कनेक्शन की E-KYC स्थिति जांचना जरूरी है।