पश्चिम एशिया में जारी तनाव और युद्ध जैसी स्थिति का असर अब भारत में भी दिखाई देने लगा है। देश के कई हिस्सों में एलपीजी सिलेंडर को लेकर परेशानी बढ़ गई है। लोगों को घरेलू और कमर्शियल गैस सिलेंडर समय पर नहीं मिल पा रहे हैं। कई जगह गैस एजेंसियों पर लंबी लाइनें लग रही हैं और बुकिंग कराने के बाद भी सिलेंडर मिलने में देरी हो रही है। इस वजह से आम लोगों के साथ-साथ होटल और रेस्टोरेंट कारोबारियों की भी मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं।
कमर्शियल सिलेंडर की कीमत पहुंची 4000 रुपये तक
सबसे ज्यादा परेशानी कमर्शियल गैस सिलेंडर को लेकर सामने आ रही है। कई शहरों में इसकी कालाबाजारी शुरू हो गई है। जो सिलेंडर पहले करीब 1600 रुपये में मिलता था, वह अब ब्लैक में करीब 4000 रुपये तक बेचा जा रहा है। खासकर होटल, ढाबा और छोटे रेस्टोरेंट चलाने वाले लोगों को भारी दिक्कत हो रही है क्योंकि उनके काम का पूरा सिस्टम गैस पर ही निर्भर करता है। सिलेंडर महंगा होने से कई जगह खाना बनाने का काम भी प्रभावित होने लगा है।
सरकार का दावा, सप्लाई सामान्य है
हालांकि सरकार का कहना है कि देश में गैस की कोई कमी नहीं है और सप्लाई सामान्य रूप से जारी है। अधिकारियों ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों और पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक कर जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के निर्देश दिए हैं। सरकार ने साफ कहा है कि अगर कोई व्यक्ति या व्यापारी गैस सिलेंडर की कालाबाजारी करता पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
ये भी पढ़ें : Iran जंग का असर अब रुपये पर, डॉलर के सामने भारतीय करेंसी फिसली, बाजार में बढ़ी चिंता
चीन के फैसले से बढ़ सकती है परेशानी
इस बीच अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी ऊर्जा बाजार में अनिश्चितता बढ़ गई है। रिपोर्ट के मुताबिक चीन ने पेट्रोल, डीजल और जेट फ्यूल जैसे रिफाइंड पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात पर नियंत्रण कड़ा कर दिया है। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण कई तय शिपमेंट भी रद्द किए जा रहे हैं। अगर यह स्थिति लंबे समय तक बनी रही तो वैश्विक स्तर पर ईंधन की कमी बढ़ सकती है और इसका असर भारत जैसे देशों पर भी पड़ सकता है।
देश के कई शहरों में कालाबाजारी की शिकायतें
कई शहरों से गैस सिलेंडर की जमाखोरी और कालाबाजारी की खबरें भी सामने आ रही हैं। कुछ जगहों पर प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए छापेमारी भी की है। मध्य प्रदेश के जबलपुर में एक रेस्टोरेंट से पांच घरेलू सिलेंडर बरामद किए गए हैं जिन्हें अवैध तरीके से इस्तेमाल किया जा रहा था। प्रशासन ने साफ किया है कि ऐसी गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर सख्त कदम उठाए जाएंगे।
छोटे कारोबार और आम लोगों पर असर
गैस की किल्लत का असर छोटे कारोबारों पर भी दिखाई देने लगा है। मुंबई जैसे बड़े शहरों में सुबह मिलने वाले लोकप्रिय नाश्ते जैसे इडली, डोसा और वड़ा की बिक्री भी प्रभावित हो रही है। इनका बड़ा हिस्सा छोटे किचन और यूनिट्स में तैयार होता है जहां गैस की कमी की शिकायतें सामने आई हैं। अगर स्थिति जल्द सामान्य नहीं हुई तो इसका असर आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी और छोटे व्यवसायों पर और ज्यादा पड़ सकता है।