ईरान युद्ध के चलते एलपीजी सप्लाई पर दबाव बढ़ा है, लेकिन भारत सरकार ने इससे निपटने के लिए बड़ा फैसला लिया है। आम लोगों से जहां पीएनजी अपनाने की अपील की जा रही है, वहीं प्रवासी मजदूरों के लिए एलपीजी की उपलब्धता बढ़ा दी गई है, ताकि रोजमर्रा की जरूरतें प्रभावित न हों।
प्रवासी मजदूरों को डबल सिलेंडर की सुविधा
सरकार ने 5 किलो वाले फ्री ट्रेड एलपीजी (FTL) सिलेंडरों की सप्लाई दोगुनी कर दी है। अब इन छोटे सिलेंडरों की रोजाना उपलब्धता बढ़ाकर एक लाख यूनिट से ज्यादा करने का लक्ष्य रखा गया है। ये सिलेंडर राज्य सरकारों और उनके खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के जरिए सीधे जरूरतमंद मजदूरों तक पहुंचाए जा रहे हैं।
ये भी पढ़ें : करोड़पति बनने का आसान फॉर्मूला, 10X12X30 से बन सकता है ₹3 करोड़ का फंड
क्यों जरूरी था यह फैसला
इस कदम का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि प्रवासी मजदूरों को खाना पकाने के लिए ईंधन की कमी न हो। छोटे 5 किलो सिलेंडर खासतौर पर ऐसे लोगों के लिए उपयोगी होते हैं, जिनके पास स्थायी पता नहीं होता या जो अस्थायी रूप से शहरों में काम कर रहे होते हैं।
सरकार का दावा और सख्त कार्रवाई
सरकार का कहना है कि देश में एलपीजी की कोई कमी नहीं है और सप्लाई सामान्य बनी हुई है। एक दिन में 50 लाख से ज्यादा सिलेंडर की डिलीवरी की गई है। साथ ही जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए सख्त कदम उठाए गए हैं—हजारों सिलेंडर जब्त किए गए हैं और कई डीलरशिप पर कार्रवाई भी हुई है। कुल मिलाकर, इस फैसले से संकट के बीच सबसे ज्यादा राहत प्रवासी मजदूरों को मिलने की उम्मीद है, ताकि उनकी रोजमर्रा की जिंदगी पर असर कम से कम पड़े।