देश के कई बड़े शहरों में इन दिनों एलपीजी गैस को लेकर चिंता बढ़ती दिखाई दे रही है। दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, चेन्नई और हैदराबाद जैसे शहरों में लोगों को सिलेंडर लेने के लिए लंबी लाइनों में खड़ा होना पड़ रहा है। कई जगह गैस एजेंसियों के बाहर सुबह से ही भीड़ लग जाती है। हालात ऐसे हो गए हैं कि लोग भविष्य की चिंता में पहले से ही सिलेंडर लेने की कोशिश कर रहे हैं ताकि बाद में परेशानी न हो।
सरकार ने बनाई खास कमेटी
गैस की सप्लाई से जुड़ी शिकायतों को दूर करने के लिए सरकार ने तीन सदस्यों की एक कमेटी बनाई है। इस कमेटी का काम एलपीजी की सप्लाई व्यवस्था पर नजर रखना और जरूरत पड़ने पर जरूरी फैसले लेना होगा। इसी के साथ ऊर्जा कंपनियों को भी गैस उत्पादन बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं ताकि घरेलू उपभोक्ताओं को ज्यादा परेशानी न हो।
उत्पादन बढ़ाने की तैयारी शुरू
ऊर्जा क्षेत्र की बड़ी कंपनियां भी अब गैस उत्पादन बढ़ाने की दिशा में काम कर रही हैं। गुजरात के जामनगर स्थित बड़े रिफाइनरी परिसर में कुकिंग गैस का उत्पादन बढ़ाने की तैयारी की जा रही है। इसके अलावा बंगाल की खाड़ी में मौजूद गैस क्षेत्रों से मिलने वाली गैस को भी प्राथमिक क्षेत्रों तक पहुंचाने की योजना बनाई जा रही है ताकि देश की अर्थव्यवस्था पर इसका असर कम हो सके।
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आयात पर काफी निर्भर है भारत
भारत अपनी जरूरत की बड़ी मात्रा में एलपीजी विदेशों से मंगाता है। आंकड़ों के अनुसार देश अपनी कुल जरूरत का लगभग 55 से 60 प्रतिशत गैस आयात करता है। इसमें ज्यादातर गैस पश्चिम एशिया के देशों से आती है। संयुक्त अरब अमीरात, कतर और सऊदी अरब जैसे देश भारत को बड़ी मात्रा में एलपीजी उपलब्ध कराते हैं। यही वजह है कि मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ने पर भारत में भी सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ जाती है।
सरकार ने सख्त कानून लागू किया
गैस की जमाखोरी और कृत्रिम कमी को रोकने के लिए सरकार ने जरूरी वस्तु कानून लागू कर दिया है। इस कानून के तहत गैस के स्टॉक पर निगरानी रखी जाएगी और जमाखोरी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। इसके अलावा कीमतों को नियंत्रित रखने और बाजार में उपलब्धता बनाए रखने के लिए भी कई कदम उठाए जा रहे हैं।
रेस्टोरेंट और होटल कारोबार पर असर
गैस की सप्लाई में आई रुकावट का सबसे ज्यादा असर होटल और रेस्टोरेंट कारोबार पर पड़ रहा है। कई शहरों में रेस्टोरेंट मालिकों का कहना है कि अगर जल्द सप्लाई सामान्य नहीं हुई तो उन्हें अपने होटल बंद करने पड़ सकते हैं। मुंबई में कई होटल बंद होने की कगार पर बताए जा रहे हैं। वहीं कुछ शहरों में रेस्टोरेंट अपने मेन्यू को सीमित कर रहे हैं और फिलहाल सिर्फ चाय या हल्के नाश्ते तक ही सेवाएं दे रहे हैं।