देश में रसोई गैस की कीमतों में फिर बढ़ोतरी हो गई है। नए बदलाव के बाद घरेलू एलपीजी सिलेंडर के दाम बढ़ा दिए गए हैं। 14.2 किलो वाले घरेलू सिलेंडर की कीमत में करीब 60 रुपये का इजाफा हुआ है। वहीं व्यावसायिक सिलेंडर भी पहले से ज्यादा महंगे हो गए हैं। नई कीमतें 7 मार्च से लागू कर दी गई हैं।
दिल्ली में इतना हो गया नया दाम
तेल कंपनियों की जानकारी के मुताबिक राजधानी दिल्ली में बिना सब्सिडी वाले घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत अब बढ़कर करीब 913 रुपये हो गई है। पहले इसकी कीमत लगभग 853 रुपये थी। यानी एक ही बार में 60 रुपये की बढ़ोतरी कर दी गई है। इससे आम लोगों के घर का बजट प्रभावित हो सकता है।
अन्य शहरों में भी बढ़े दाम
सिर्फ दिल्ली ही नहीं बल्कि देश के दूसरे बड़े शहरों में भी सिलेंडर महंगा हो गया है। मुंबई में घरेलू गैस सिलेंडर का नया दाम करीब 912 रुपये के आसपास पहुंच गया है। कोलकाता में इसकी कीमत लगभग 939 रुपये हो गई है। वहीं चेन्नई में सिलेंडर करीब 928 रुपये के आसपास मिल रहा है।
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मिडिल ईस्ट तनाव बना बड़ी वजह
गैस की कीमत बढ़ने की एक बड़ी वजह अंतरराष्ट्रीय हालात बताए जा रहे हैं। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का असर ऊर्जा बाजार पर पड़ रहा है। ईरान और इजरायल के बीच चल रहे संघर्ष के कारण तेल और गैस की आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ गई है। इससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में ऊर्जा की कीमतों में तेजी आई है।
सप्लाई कम होने का डर बढ़ा
माना जा रहा है कि अगर खाड़ी क्षेत्र से तेल और गैस की आपूर्ति प्रभावित होती है तो दुनिया के कई देश ज्यादा मात्रा में तेल खरीदने की कोशिश करेंगे। इससे मांग बढ़ेगी और कीमतें ऊपर जाएंगी। भारत भी अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा विदेशों से मंगाता है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय बाजार का असर सीधे यहां दिखाई देता है।
रुपये और महंगाई पर भी असर
कच्चे तेल की कीमत बढ़ने से देश की अर्थव्यवस्था पर भी असर पड़ सकता है। तेल महंगा होने पर आयात का खर्च बढ़ जाता है और डॉलर की मांग भी ज्यादा हो जाती है। इससे रुपये पर दबाव बढ़ता है। जब आयात महंगा होता है तो परिवहन लागत बढ़ती है और इसका असर खाने-पीने की चीजों समेत कई वस्तुओं की कीमतों पर पड़ता है।